तेजड़ियों की सक्रियता से चुनिंदा खाद्यान्न जिंसों में तेजी

हमारे संवाददाता
केद्र सरकार ने खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी में भारी बढोतरी की गई है।जिससे खुले बाजार में तेजेड़ियों की सक्रियता बढ गई है और चुनिंदा खाद्यान्न जिंसों में तेजी अवश्य भड़की है।जिसके तहत दलहनों में मंदी की बयार बह रही थी जिस पर विराम लगी है जो कि दलहनों को लेकर सकारात्मक रुख है।बहरहाल अन्य खाद्यान्न जिंसों में जैसे कि तेजेड़ियों ने तेजी की मनोवृति में चावल में तेजी भड़कने की चाल चली थी लेकिन विफल हो गए हø।ऐसे में दिल्ली के खाद्यान्न जिंसों के व्यापरियों की अग्रणी संगठनों के प्रतिनिधियों की तरफ से जो त्वरित प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि कृषि जिंसों की एसएसपी पर सरकारी खरीदी को लेकर उपज खरीद गारंटी योजना को शीघ्र अमल में लाया जाए ताकि किसानों की उपज की खरीदी सुनिश्चित हो सकेगी जिससे किसानों को उपज के लाभकारी मूल्य प्राप्त हो सकेंगे।ऐसे में खरीफ फसलों के एमएसपी में वwिद्व के बाद अब किसानों ने बोआई की रफ्तार बढा दी है।जिससे इस वर्ष खरीफ फसलों की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है।
     इस बाबत दि सेन्ट्रल आर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एण्ड ट्रेड (कोएट) के चेयरमैन श्री लक्ष्मीचंद अग्रवाल ने बताया कि केद्र सरकार ने खरीफ तिलहन फसलों तिलहनों के एमएसपी में भारी बढोतरी की गई है जो कि अच्छी बात है लेकिन इन तिलहनों का बाजार मूल्य की तुलना में एमएसपी अपेक्षाकृत अधिक है।ऐसे में अब सरकारी एजेंसियों द्वारा विभिन्न तिलहनों की खरीदी पर्याप्त मात्रा में करने पर ही किसानों को लाभ मिल पाएगा।जिसको लेकर केद्र सरकार से गुजारिश है कि उपज खरीद गारंटी योजना को यथाशीघ्र अमलीजामा पहनाया जाए ताकि किसानों को समुचित आमदनी सुनिश्चित हो सकेगी।श्री अग्रवाल ने केद्र सरकार से आग्रह किया है कि अब रबी तिलहन फसलों के एमएसपी का मूल्य अग्रिम रुप से निर्धारित किया जाए ताकि आगे की खेती बारी की रणनीतिक पर किसान अभी से ध्यान केद्रित करेंगे।जिससे कृषि क्षेत्रों में सकारात्मक माहौल बन पाएगा। 
दिल्ली वेजीटेबल ऑयल ट्रेडर्स एसोसिएशन (डिवोटा) के अध्यक्ष श्री मुन्नालाल गोयल ने बताया कि केद्र सरकार की तरफ से खरीफ तिलहन फसलों में भारी बढोतरी की गई है।जिससे किसान चौकस हो गया है और कम कीमत पर तिलहनों की बिक्री नहीं कर रहे हø।जिसके चलते तेजी की मनोवृति में ताजा ग्राहकी के समर्थन मिलने से थोक बाजारों में तिलहनों की कीमत थोड़ी बहुत अवश्य सुधरी है और सुधरने की उम्मीद बनी हई है।उन्होंने तिलहनों की कीमत खुले बाजार व एमएसपी के अंतर को लेकर कहा कि यह आगे धीरे धीरे पट जाएगा।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से तैयार की जा रही उपज खरीद गारंटी योजना को अविलम्ब अमल में लाए ताकि किसानों को उपज के लाभकारी मिल सकेगा।उन्होंने बताया कि खरीफ तिलहनों की एमएसपी बढने के बाद अब किसान तिलहनों की बोआई को लेकर विशेष रुप से अग्रसर होंगे।जिससे इस बार तिलहनों की बोआई अपेक्षाकृत अधिक होगी। 
दिल्ली ग्रेन मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जयकिशन गोयल एवं महामंत्री श्री रतनलाल नवेटिया ने बताया कि केद्र सरकार की तरफ से दलहनों के एमएसपी में भारी वwिद्व के चलते विभिन्न दलहनों में 200/300 रुपए क्विंटल की तेजी आई है।ऐसे में जिन दाल मिलों द्वारा पहले दालों की मंदी में बिक्री करने से परहेज की जा रही थी वह अब सीधे दालों की बिक्री करने में रुचि दिखाने लगी है।ऐसे में दलहनों सहित दालों की कीमत में आगे सुधार का रुख बने रहने की उम्मीद है।उन्होंने आगे बताया कि दलहनों के एमएसपी बढाए जाने से किसानों का हाøसला अफजाई हुई है और अब दलहनों की बोआई अधिकाधिक क्षेत्रों में करने में दिलचस्पी लेना शुरु कर दिया है।जिससे इस बार दलहनों की बोआई आगे बढने की उम्मीद बनी हुई है।  
दिल्ली के नया बाजार स्थित आर.एस.एग्रो इंडस्ट्रीज के प्रबंधक बिजनस संचालक श्री देवेद्र जैन ने बताया कि धान के एमएसपी में 200 रुपए क्विंब्टल की वृद्वि की गई है जो कि एक अच्छा कदम है।बहरहाल एमएसपी की तुलना में खुले बाजार में धान की कीमत अपेक्षाकृत काफी ऊंचा है।ऐसे में बाजार के अनुरुप धान का एमएसपी किसानों को नहीं मिल पाएगा।ऐसे में सरकार को एमएसपी पर धान की गारंटेड खरीदी को लेकर उपज खरीद गारंटी योजना पर यथाशीघ्र अमल किए जाने की आवश्श्कता है ताकि छोटे धान के किसानों को एमएसपी का कम से कम फायदा मिल सकेगा।उन्होंने आगे बताया कि धान के एमएसपी बढाने जाने बाद स्थानीय बाजार के चुनिंदा व्यापारियों द्वारा पीआर 11 किस्मों के चावल की कीमत बढाने के प्रयास किए थे लेकिन वह सफल नहीं हो पाए हø।उन्होंने आगे बताया कि चुनिंदा मीडिया घराने से खबर आ रही है कि एमएसपी बढने से चावल का निर्यात प्रभावित होगा यह खबर बिल्कुल निराधार है।

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