पीबीएमएआई ने की 20 ग्राम प्लास्टिक कैरी बैग के लिए छूट की मांग

पीबीएमएआई ने की 20 ग्राम प्लास्टिक कैरी बैग के लिए छूट की मांग
प्लास्टिक कैरी बैग प्रतिबंध-भेदभावपूर्ण और अवांछित
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। 2 जुलाई 2018 की अंतिम अधिसूचना में किसी तरह प्लास्टिक बैग निर्माता और व्यापारी को नहीं मिलने से `प्लास्टिक बैग मैन्युफेक्चर्स एसोसिएशन आफ इंडिया' (पीबीएमएआई) के पदाधिकारियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रेषित किए गए नए बापन में, महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया है किन्यूनतम 20 ग्राम/प्रति बैग वजन के प्लास्टिक कैरी बैग को अनुमति दी जाये।
नीमित पुनामिया- महासचिव, पीबीएमएआई ने आरोप लगाया कि अधिसूचना बहुत चुनिंदा है और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पक्ष में है तथा लघु और सूक्ष्म उद्यमों को पूरी तरह से नष्ट करती है। मल्टी-लेयर्ड पैकेजिंग जो 100% पुर्ननवीनीकरण योग्य नहीं है और जिसे प्रतिदिन एफएमसीजी उत्पादों को पैक करने में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, को प्लास्टिक बोतलों और ई-बिजनेस के साथ ईपीआर (एक्सटेंडेड प्रोडय़ुसर्स रिस्पॉन्सिबिलिटी) के लिए योजना बनाने हेतु 3 महीने की विंडो प्रदान की गई है।
प्लास्टिक प्रतिबंध के संबंध में विभिन्न समितियों द्वारा पूर्व निर्धारित परिणामों से निर्माताओं, व्यापारियों और महाराष्ट्र के प्रत्येक नागरिक के हित को नुकसान पहुंच रहा है। पीबीएमएआई ने महाराष्ट्र सरकार से अपनी विभिन्न रिपोर्ट़ों की जांच करने के लिए एक तकनीकी-वाणिज्यिक विशेषज्ञ समिति की स्थापना करने और दुनिया भर में उपलब्ध डेटा और शोध का उपयोग करने प्रतिबंध से पर्यावरण पर पड़ने वाले लाभ का मूल्यांकन करने का आग्रह किया है और इसके लिए नागरिकों के साथ सरकार दोनों के द्वारा दी जाने वाली कुल प्रभावी लागत कितनी होगी?
नीमित पुनामिया ने आगे कहा, कि पीबीएमएआई सøकड़ों प्लास्टिक अपशिष्ट संग्रह केद्रों का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है, जहां एकत्रित अपशिष्ट के आधार पर यह पाया गया है 65% अपशिष्ट एफएमसीजी उत्पादों (चिप्स, बिस्कुट, नमकीन इत्यादि) की मल्टी लेयर्ड प्लास्टिक पैकेजिंग है जो पुर्ननवीनीकरण योग्य नहीं है। हमारे केद्र भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे रेलवे स्टेशनों, बस डिपो, गार्डन में है और संबंधित अधिकारियों द्वारा इनकी जांच की गई है। पीबीएमएआई ने इन स्थानों पर पहले ही एक पोस्ट कंज्यूमर रीसाइक्लिंग मॉडय़ूल का प्रदर्शन किया है। एक्सटेंडेड प्रोडय़ूसर्स रिस्पॉन्सिबिलिटी (ईपीआर) अनुमानित 3.5 लाख रैग पिकर्स की भागीदारी के साथ जल्द ही पूर्ण रूप से परिचालित हो जाएंगे। इसीलिए पीबीएमएआई ने प्रार्थना की है किप्लास्टिक कैरी बैग पर प्रतिबंध तुरंत वापस ले लिया जाये और प्लास्टिक बैग उद्योग को मल्टी लेयर्ड पैकेजिंग
एण्ड प्लास्टिक बोटल्स के समान 90 दिनों की विंडो प्रदान की जाये।
फेडरेशन आफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर आफ इंडिया के प्रमुख विरेन शाह ने कहा कि प्लास्टिक केरी बैग पर प्रतिबंध भेदभावपूर्ण और भूल वाला निर्णय है। बंदी किसी भी समस्या का हल नहीं है। बंदी करने के स्थान पर रिसाइकलिंग के पर्यायों पर अधिक ध्यान देना चाहिए तथा इसके बारे में लोगों में जागृति फैलानी चाहिए। केरी बैग के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ रिसाइकलिंग की प्रभावी व्यवस्था ही एकमात्र निराकरण है।

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