आईसीएटी ने प्रथम वीएस-6 इंजन प्रमाण पत्र किया प्रस्तुत

आईसीएटी ने प्रथम वीएस-6 इंजन प्रमाण पत्र किया प्रस्तुत
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी केद्र (आईसीएटी) ने वोल्वो आयशर कमर्शियल व्हीकल लिमिटेड को लेकर भारी भरकम इंजन मॉडल के लिए प्रथम वीएस-6 इंजन प्रमाणन का कार्य पूरा कर लिया है।इस इंजन का निर्माण एवं विकास वोल्वो आयशर द्वारा भारत में ही किया गया है।जिसे पहली जनवरी 2010 की क्रियान्वयन तिथि से काफी पहले ही इंजन के अनुपालन परीक्षण के सफलतापूर्वक पूरा हो जाने से इसे अंतिम उपभोक्ताओं को लेकर और अधिक मजबूती एवं किफायती बनाने की दृष्टि से उत्पाद स्थिरीकीण को लेकर पर्याप्त समय मिल जाएगा।
केद्र सरकार के अंतर्गत सक्रिय रुख से देश को लेकर पारंपरिक बीएस 4 के स्थान पर भारत में नियामकीय रुपरेखा के अगले स्तर के रुप में सीधे बीएस 6 उत्सर्जन मानकों को अपनाना संभव हो गया है।बीएस 6 उत्सर्जन मानक अपने दायरे के दृष्टि से काफी व्यापक है और यह मौजूदा उत्सर्जन मानकों में व्यापक बदलावों को एकत्रित करते हø।जिससे उपभोक्ताओं को लेकर अधिक स्वच्छ उत्पाद पेश करना अब संभव हो गया है।जिसको लेकर अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोटिव प्रौद्योगिक केद्र (आईसीएटी) भारत सरकार के भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम
मंत्रालय के प्रशासकीय नियंत्रण वाली नैट्रिप क्रियान्वयन सोसायटी (नैटिस) का एक प्रभाग है।
दरअसल आईसीएटी राष्ट्रीय ऑटोमोटिव परीक्षण एवं आरएण्डडी अवसंरचना परियोजना (नैट्रिप) के तहत स्थापित किए गए नए नवीन विश्वस्तरीय केद्रों में से पहला केद्र है।नैट्रिप का उद्देश्य अनुसंधान एवं विकास करने के साथ साथ ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग के क्षेत्र में संगतता(होमोलोगेशन)सुविधाओं का विस्तार करना भी है।जिसको लेकर आईसीएटी भारत सरकार से मान्यता प्राप्त एक प्रमुख एजेंसी है।यह केद्रीय मोटर वाहन नियमों (सीएमवीआर) के तहत भारत  में एक मान्यता प्राप्त टाइल अप्रुवल एण्ड होमोलोगेशन एजेंसी के रुप में है। आईसीएटी ऑटोमोटिव उद्योग के एक व्यापक प्रौद्योगिकी साझेदार के रुप में उभरकर सामने
आया है।

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