कपास का एमएसपी बढ़ने से टेक्सटाइल्स क्षेत्र चिंतित

कपास का एमएसपी बढ़ने से टेक्सटाइल्स क्षेत्र चिंतित
कोयम्बतूर। कपास के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि किसानों के लिए अच्छी खबर हो सकती है, लेकिन इससे उपभोक्ता उद्योग की चिंता बढ़ गई है। आगामी सीजन में कपास के क्षेत्रफल में 10-15% की वृद्धि होने की संभावना है। इंडियन काटन फेडरेशन के अध्यक्ष तुलसीधरन ने कहा कि आज कपास का मूल्य अनुमानित संशोधित एमएसपी के बराबर या उससे अधिक है। आगामी सीजन में इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है। हालांकि अन्य तिलहनों के मूल्य में वृद्धि के कारण बिनौला के मूल्य में समान वृद्धि से इन्कार नहीं किया जा सकता।
 उद्योग के सूत्र के अनुसार, अभी तक महाराष्ट्र एवं गुजरात में बोआई पूरजोर में नहीं है जबकि तेलंगाना में बोआई लगभग पूरी हो गई है।
अहमदाबाद के रुई विशेषज्ञ अरुण दलाल ने कहा कि निर्यात मांग सहित कई कारणों से रुई का मूल्य बढ़ रहा है। गत वर्ष में रुई का औसत मूल्य 41-42 हजार रु. प्रति खंडी था। इस वर्ष 2018-19 में कीमत नई ऊंचाई पर जाने की संभावना है तथा उसके उस स्तर पर बने रहने की संभावना है।
केद्र सरकार की तरफ से चालू खरीफ फसल मौसम को लेकर कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में 1130 रुपए क्विंटल की भारी बढोतरी की है।जिससे कपास के किसान अवश्य उत्साहित हो गए  है और अब कपास की बोआई करने को विशेष रुप से उन्मुख होंगे।ऐसे में अब देश भर में कपास की बोआई की रफ्तार में व्यापक रुप से बढोतरी होने की उम्मीद है।
दरअसल प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 4 जुलाई 2018 को खरीफ फसलों की एमएसपी में व्यापक बढोतरी की गई।जिसके तहत कपास के एमएसपर में 1130 रुपए क्विंटल की भारी बढोतरी की है।जिसके तहत अब कपास मीडियम स्टेपल 5150  रुपए क्विंटल हो गई है जिसमें 28.11 प्रतिशत की बढोतरी हुई है और इसकी लागत 50.01 प्रतिशत आती है।जबकि कपास लाँग स्टेपल 5450 रुपए क्विंटल हो गई।जिसमें 26.16 प्रतिशत की बढोतरी हुई है और इसकी लागत 58.75 प्रतिशत आती है।ऐसे में अब कपास के किसान अवश्य उत्साहित हो गए है और अब देश के विभिन्न राज्यों में किसान कपास फसल की बोआई करने को लेकर विशेष रुप से उन्मुख होंगे।वैसे भी इस बार मानसून कुछ अवधि को लेकर विलंबित हो गया था बहरहाल अब मानसून चहुंओर सक्रिय है।जिससे आगे कपास की बोआई में व्यापक रुप से बढोतरी होने की उम्मीद बढ गई है।

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