50 टेक्सटाइल उत्पादों पर आयात शुल्क दुगुना

50 टेक्सटाइल उत्पादों पर आयात शुल्क दुगुना
घरेलू कपड़ा उद्योग को मंदी से उबारने हेतु अहम पहल 
 
हमारे प्रतिनिधि
नई दिल्ली। घरेलू टेक्सटाइल उद्योग को एक बड़ी राहत के रूप में सरकार ने फाइबर से परिधान तक 50 से अधिक टेक्सटाइल उत्पादों पर आयात शुल्क दुगुना किया है।
सेन्ट्रल बोर्ड आफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कोट-पøट, जैकेट और लेडीज गार्म़ेंट जैसे परिधानों पर आयात डय़ूटी 10% थी, जो अब 20% होगी। जूट या पेपर यार्न से निर्मित कपड़े, कार्पेट की विभिन्न किस्मों, लेमिनेटेड फाइबर और फाइबर से निर्मित शीट पर समान दर लागू होगी।
कुछ आइटम पर दर 20% या 38 रु. प्रति वर्गमीटर (जो भी अधिक हो) होगी। बोर्ड के अनुसार, स्पेसिफिक एवं एडवोलेरम दरों में 45 बदलाव का समावेश किया गया है।
यद्यपि नई दरों की प्रभावी तारीख के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है। माना जाता है संशोधित दरें गजट अधिसूचना की तारीख से लागू होगी जो 16 जुलाई है। फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्टर्स (फियो) के महासचिव अजय सहाय ने कहा कि इस कदम से सामान्य शुल्क दर पर किया गया व्यापार प्रभावित होगा। यद्यपि बांग्लादेश जैसे अल्प विकसित देशों के प्रभावित होने की संभावना नहीं है। डब्ल्यूटीओ मानकों के अनुसार, भारत टेक्सटाइल क्षेत्र को कोई और प्रोत्साहन देने में समर्थ नहीं होगा और सरकार ने घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए आयात शुल्क में वृद्धि की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसे निश्चित रूप से `मेक इन इंडिया' को बढ़ावा मिलेगा।
डिलॉइट इंडिया के भागीदार एम.एस. मणि ने कहा कि कुछ तैयार टेक्सटाइल उत्पादों पर कस्टम्स डय़ूटी बढ़ने से भारतीय टेक्सटाइल निर्माताओं को कास्ट एडवांटेज होगा। बहुत सी विदेशी कंपनियां अब घरेलू मांग पूरी करने के लिए भारत में मैन्युफेक्चरिंग पर विचार कर सकती है।जून में टेक्सटाइल यार्न, फेब्रिक, मेडअप आर्टिकल्स का आयात 8.58% बढ़कर 168.64 मिलियन डालर हुआ। हालांकि काटन यार्न/फेब्रिक/मेड-अप्स, हैडलूम उत्पाद का निर्यात 24% बढ़कर 986.2 मिलियन डालर हुआ। मैन-मेड यार्न/फेब्रिक्स/मेड-अप्स का निर्यात 8.45% बढ़कर 403.4 मिलियन डालर हुआ। सभी टेक्सटाइल रेडीमेड गार्म़ेंट का निर्यात 12.3% घटकर 13.5 बिलियन डालर रहा।
तिरुपुर निटवेयर क्लस्टर ने इस कदम का स्वागत किया है। तिरुपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजा एम षणमुगन ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि 23 निटेड गार्म़ेंट आइटमों और एक निटेड फेब्रिक के आयात पर बेसिक कस्टम्स डय़ूटी में वृद्धि से घरेलू टेक्सटाइल उद्योग की सुरक्षा करने में मदद मिलेगी।
चीन, बांग्लादेश, विएतनाम और कम्बोडिया से टेक्सटाइल उत्पादों के आयात में उल्लेखनीय वृद्धि होने से एसोसिएशन इस संबंध में सख्त कदम उठाने का अनुरोध कर रहा है।
इस बाबत फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट एसोसिएशन (फिया) के महानिदेशक श्री अजय सहाय ने कहा कि अधिकांशत टैक्सटाइल उत्पादों पर आयात श्ल्क बढाकर दोगुना कर दिया गया है।जिससे घरेलू उत्पादक को बढावा मिलेगा।

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