शक्कर के भाव में मंदी की संभावना नहीं : किचन मसाला उच्च स्तर पर स्थिर

शक्कर के भाव में मंदी की संभावना नहीं : किचन मसाला उच्च स्तर पर स्थिर

स्थानीय सियागंज किराना मंडी में ग्राहकी  आगे के त्याहारों की बढ़ रही है । कीचन मसाले अपने उपरी भाव स्थिर रहे । व्यापारियों के अनुसार देश में शक्कर का उत्पादन अधिक  रहने की धारणा है । उनके अनुसार  शक्कर  उद्योगों ने पिछले एक वर्ष में 3100-3200 रु. से उठकर 4200 रु. के भाव पर गाढ़ी कमाई कर डाली है । अब शक्कर के वर्तमान भाव 3300 - 3450 रु. पर शक्कर उत्पादकों को स्थाई लाभ लगातार मिलना है । सरकार के शक्कर उद्योगों पर मेहरबानी और  लगातार प्रयास से उत्पादकों को आगे लाभकारी अवसर आगे वर्तमान भाव से तेजी बनाने के वातावरण मिलते रहेंगे । देश-विदेशो में गन्ने का हिस्सा इथेनॉल उत्पादन में जाने और पेटो में मिक्स करने के चर्चे से, इससे शकर में मंदी की धारणा इससे अधिक नहीं बताई जा रही है । हालांकि गुरुवार तक थोक मंडी में शक्कर थोक भाव 3390-3440  रु. थे ।  स्थानीय मंडी में शक्कर की आवकें लगभग 15-18 गाड़ियों की रही ।  नारियल में गत् हप्ते कमजोर  मांग रहने से सुधार आया बताते है । अर्थात मांग नहीं निकलती है तो व्यापार जगत् थोड़ी तेजी ऐन-केन-प्रकारेण बनाने लगा हैं इससे विगत् हप्ते रहे भाव से नारियरल का भाव इस हप्ते 50 रु. की तेजी लिये होकर 250 भारती का नारियल भाव 2400 रु. तक होना बताया जा रहा था ।  मगर भरावा भी अधिक रहा बताया जा रहा है । गोला में भारी ऊंचे भाव हो जाने पर मांग ठंडी पड़ी है ।  भाव 18500 से 18800 रु. पर स्थिर बताये गये । खोपरा बुरा में हल्की मांग निकलने पर उपरी भाव में मजबूती रही । 
 व्हील ब्रांड के  भाव 3400 रु.  रहा । साबुदाना उत्पादक केंद्रों  कच्ची माल की अधिक उपलब्धता बढ़ने की संभावना से मंदी की संभ्भावना बताई जा रही है । हालांकि  उत्पादक स्थलों पर वर्तमान भाव में मजबूत बताया जा रहा होने से स्थानीय में भाव मजबूत स्थिति में रहे । सच्चा मोती का भाव 5430 रु., पैकिंग में 6025 रु. तथा वरलक्ष्मी का भाव 5500  तथा पैकिंग में 6000 रु. बताया गया है । कालीमिर्च पर सट्टात्मक गतिविधियां जारी रही होने से मंदी बनी हुई रही । स्थानीय मंडी में भाव गारवल का 340 रु. और मटरदाना 390 रु. बताया जा रहा है । जीरा में भारी उत्पादन और स्टॉक भरावा के चलते तेजी रही है । निर्यातकों की स्टॉक मंशा और मांग में अधिक रहने से अधिक तेजी तो नहीं बनी मगर भारी उपरी भाव पर स्थिरता बनी रही है।  राजस्थान तरफ के माल का भाव 19500 से 20000 रु.  ऊंझा मध्यम 20500 से 21000 रु. तक बताया गया । लंबी तेजी के बाद  हल्दी में उत्पादक क्षेत्रों में मामूली मंदी  बताई जा रही है होने से  मंदी रही है । उधर वायदा में तेजी रहने से भाव में आगे के माहो में तेजी की धारणा व्यक्त की जा रही है ।  हालांकि स्थानीय बाजार में  मांग कमजोर भी बताई जा रही है ।  भाव निजामाबाद कांडी 10500 से 11500 रु. लाल गाय 14000 रु. तक बताईz गई । हल्दी पावडर 501 नं 1751 रु. था ।

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