विश्व कमोडिटी बाजार में अफरातफरी का माहौल

विश्व कमोडिटी बाजार में अफरातफरी का माहौल
ट्रेड वॉर के प्रभाव से भाव भले ही दबा, जोखिम की तलवार अभी भी
 
इब्राहिम पटेल
कृषि कमोडिटी बाजार 2007-08 के युग की तेजी के उभार पर आकर खड़ी है, जहां से भाव मुक्त रूप से ऊपर जाने के लिए तैयार हो रहे है। युनाइटेड नेशंस के फूड एंड एग्रीकल्चर ओर्गेनाइजेशन (फाओ) के इकोनोमिस्ट अब्दुलरजा अब्बासीन ने तो चेताबनी के स्वर में कहा है कि अभी गेहूं, मक्का, सोयाबीन और चीनी जैसी खाद्य चीजों के भाव घट रहे है, लेकिन फंडामेंटल्स के अंदाज-ए-बया कुछ अलग कह रहा है। महत्वपूर्ण खुराकी कमोडिटी के भाव ट्रेड वॉर के प्रभाव तले भले ही दब गया हो, लेकिन उसके पिछे भाव में कभी भी गति से ऊछाल आने के जोखिम की तलवार लटकी हुई है। ट्रेड वॉर के प्रारंभ के साथ ही गेहूं, मक्का, सोयाबीन या चीनी जैसी कृषि कमोडिटी के भाव घटना शुरू हुए और अल्पावधि में कई सालों के नया तल बनाया है। 
व्यापार चिंताओं के बीच अनाज के भाव भले ही नीचे चले गए हो, लेकिन महत्वपूर्ण अनाज उत्पादक देशों ब्राजिल, अर्ज़ेंटीना, रूस एवं यूरोप के कुछ देशों में इस साल सूखेग्रस्त होने से अनाज उत्पादन के नये पूर्वानुमानों में कमी करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हाल ही के वर्ष़ों में रिकॉर्ड फसल की वजह से अनाज और तिलहन के भाव में गिरावट को मदद मिली है। मांग और आपूर्ति के बैरोमीटर और अनाज एवं तिलहन के बफर स्टॉक के इंडिकेटर माने जाते स्टॉक-टू-यूसेज रेशियो 2018-19 के फसल वर्ष में गति से घटने का पूर्वानुमान किया है। 
अनाज की स्टॉक-टू-यूसेज रेशियो पिछले चार सालों में पहली बार, गत वर्ष के 30.6 प्रतिशत से घटकर 27.7 प्रतिशत हुआ है, बेशक 2007-08 के 20.4 प्रतिशत की तुलना में यह रेशियो काफी ऊपर है। संभावना ऐसी है कि मक्का आपूर्ति का यूसेज बढ़ने से स्टॉक में बड़ी कमी होगी, जबकि चावल का स्टॉक लगातार तीसरे साल बढ़ेगा। अनाज का व्यापार सामान्य रूप से 2018-19 में भी 2017-18 जितना ही व्यापक रहेगा। 
चीन जिसके पास कृषि कमोडिटी के व्यापक अनामत आपूर्ति जमा है, उसे माइनस करेंगे तब गेहूं, मक्का और सोयाबीन का स्टॉक-टू-यूसेज रेशियो, फाओ के अनुसार पिछले पांच साल के तल पर पहुंचा है। अमेरिका और ब्राजिल जैसे बड़े मक्का उत्पादक और निर्यातक देशों में पिछले साल की तुलना में इस साल के अंत का स्टॉक गति से घटने की संभावना है। संक्षेप में कहेंगे तो अब्दुलरजा अब्बासीन का कहना है कि बड़े निर्यातक देशों के पास बिक्री के लिए बहुत बड़ा स्टॉक नहीं होगा। 
ब्राजिल जो विश्व का सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश है, वहां सूखे की चिंताओं के बीच गन्ना में फ्रूक्टोस (शर्करा, यिल्ड) और चीनी उत्पादन नकारात्मक रूप से घटने से, लगातार छह महीने से घट रहे शुगर प्राइस इंडेक्स अब 1.2 प्रतिशत बढ़ा है। 2017 में अनाज के रिकॉर्ड उत्पादन के बाद फाओ ने नए पूर्वानुमान में इस साल का उत्पादन 2.4 प्रतिशत या 645 लाख टन घटकर 25.86 अरब टन होने की संभावना दिखलाई है। यूरोपीय संघ में गेहूं और रूस एवं युक्रेन में खुदरा अनाज उत्पादन घटने के साथ, फाओ के नए पूर्वानुमान में अनाज मांग-आपूर्ति के आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने के पूर्वानुमान से 240 लाख टन की अधिक कमी की है। 2018-19 में वैश्विक अनाज वपराश अनुमान, फाओ ने 26.41 अरब टन का रखा है।

© 2018 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer