ट्रक हड़ताल से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका

ट्रक हड़ताल से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । ट्रकों की लोडिंग क्षमता के नियमों में बदलाव के बावजूद ट्रांसपोर्टर नहीं मान पाए और देश भर में 20 जुलाई से ट्रकों का चक्का जाम शुरु कर दिया गया है।हालांकि केद्र सरकार की तरफ से ट्रांसपोर्टरों की अगुवाई में 20 जुलाई से हड़ाताल के बीच वाहनों को लेकर भार वहन सीमा 37 प्रतिशत बढा दी गई है।बहरहाल ट्रांसपोर्टरों को केद्र सरकार का यह निर्णय रास नहीं आया और खिलाफत शुरु कर दी है।जिससे स्वभाविक है कि ट्रकों की हड़ताल के चलते देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।जिससे आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढेगी और आम जनमानस को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर विशेष रुप से जूझना पड़ेगा।
दरअसल ट्रांसपोर्टरों की तरफ से 20 जुलाई से ट्रकों की हड़ताल के चलते देश भर में लगभग 90 लाख ट्रकों के पहिए थमते नजर आ रहे है।ऐसे में ट्रांसपोर्टरों की तरफ से कहा जा रहा है कि इस ट्रक हड़ताल से लंबी अवधि में नुकसान होगा। हालांकि केद्र सरकार की तरफ से इस ट्रक हड़ताल को लेकर लिए गए भार वहन सीमा जैसे अहम फैसले से ट्रकों की हड़ताल समाप्त करने पर समाचार लिखे जाने तक कोई असर नहीं पड़ा है।हालांकि केद्र सरकार की तरफ से भारी वाहनों की क्षमता में लगभग 18 प्रतिशत तक की वृद्वि कर दी है।बहरहाल वाहन निर्माताओं की तरफ से कहा जा रहा है कि वह इस तरह के वाहन के उत्पादन करने को लेकर तैयार नहे है।वैसे तो ट्रांसपोर्टरों की मांग है कि डीजल की कीमत को जीएसटी के दायरे में लाया जाए या मौजूदा समय में इन पर केद्र व राज्यों की तरफ से लगने वाले टैक्स को कम किया जाए।

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