गोल्ड कौंसिल स्थापित करने के निर्णय का ज्वेलर्स द्वारा स्वागत

गोल्ड कौंसिल स्थापित करने के निर्णय का ज्वेलर्स द्वारा स्वागत
सोना का आयात होगा सरल 
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। केद्र सरकार ने स्थानीय स्वर्ण और आभूषण उद्योग की दैनिक समस्या के त्वरित निवारण के लिए व्यापक गोल्ड पालिसी तैयार करने का निर्णय लिया है और उसके अंतर्गत बृहद गोल्ड कौंसिल का गठन करने की घोषणा की है और उसका इस क्षेत्र के विशेषज्ञों ने स्वागत किया है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (इब्जा) के महामंत्री सुरेश महेता ने कहा कि केद्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने भारत की अपनी प्रस्तावित गोल्ड कौंसिल स्थापित करने के निर्णय की घोषणा कर श्रेष्ठ कदम उठाया है। उसमें `माइन्स से मार्केट' तक इस क्षेत्र से जुड़े सभी वर्ग के विशेषज्ञों को स्थान मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि गोल्ड कौंसिल के लिए 12 सदस्यों की एडहाक कमिटी बनायी जाएगी। कमिटी आगामी कार्य़ों की रूपरेखा बनाएगी। पहले ज्वेलरी और गोल्ड के प्रश्नों के लिए हमें अलग-अलग ढंग से शिकायत करने के लिए सरकार के पास जाना पड़ता था। लेकिन गोल्ड कौंसिल की स्थापना के बाद सभी प्रश्न एक साथ उठाए जा सकेंगे और उसका लाभ उद्योग को होगा।
बाम्बे बुलियन एसोसिएशन के भूतपूर्व अध्यक्ष सुरेश हुंडिया ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि कौंसिल में कारीगर से लेकर ज्वेलर और बुलियन ट्रेडर तक को प्रतिनिधित्व मिलने से इन सभी को फायदा होगा। कौंसिल के मार्फत इनकी समस्याएं सरकार तक पहुंचायी जा सकेगी। कौंसिल द्वारा सोने का सीधे आयात भी किया जा सकता है जिससे देश में सोने की सहज उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
नाइन डायमंड के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय शाह ने कहा कि कौंसिल में कारीगर से लेकर ज्वेलर और बुलियन के व्यापारी तक का प्रतिनिधित्व होगा जिससे बड़े से लेकर छोटे आदमी तक की बात  सरकार तक पहुंचेगी और उनकी जो भी समस्या होगी वह भी कौंसिल के मार्फत दूर होगी। इससे ज्वेलरी निर्माण को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है जिससे रोजगार बढ़ने की संभावना है।
सरकार ने व्यापक गोल्ड पालिसी के मुद्दे पर प्रथम कदम के रूप में उद्योग से जुड़े एक दर्जन लोगों की एक एडहाक समिति बनायी है। वाणिज्यमंत्री सुरेश प्रभु के अनुसार, यह समिति गोल्ड और ज्वेलरी के घरेलू कौंसिल का ढांचा तैयार करेगी।  

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