चीन ने युआन मीडपॉइंट फिक्सिंग पद्धति का अमल पुन: शुरू किया

इब्राहिम पटेल'
मुंबईब् 16 अरब डॉलर की चीनी वस्तुओं पर अमेरिका ने अतिरिक्त आयात शूल्क लागू करके ट्रेड वॉर का एक अधिक अध्याय गुरूवार को शुरू किया था, इसके खिलाफ प्रत्याघाती हमला करने के लिए चीन को प्रेरणा मिली थी। राष्ट्रपति ट्रम्प ने ऐसा आरोप लगाया है कि चीन ने अमेरिका द्वारा लागू कि गई ड्यूटी से बचने के लिए अपनी करेंसी युआन का दुरूपयोग कर रहा है। इसके साथ बढ़ रहे व्यापार तनाव और ब्याज दर वृद्धि के चलते डॉलर को अधिकतम मजबूत होने का अवसर मिल जाने से युआन कमजोर हुआ है, ऐसा चीन का कहना है। चाईनीज़ फोरेन एक्सचेंज सिस्टम के मुताबिक गुरूवार को डॉलर के सामने युआन का सेंट्रल पेरिटी रेट 0.41 प्रतिशत घट कर 6.8113 युआन हुआ था।
एक ओर अमेरिका के साथ शूल्क विवाद और दुसरी ओर चीन की अर्थव्यवस्था की गति धीमी हो जाने के संकेत मिलने से पिछले सतत 8 सप्ताहों से युआन दबाव में रहा है। ऑफशोर करेंसी बाजार में युआन में कारोबार की मात्रा असामान्य ऊंचाई पर पहुंच गई है। शिकागो बोर्ड ऑफ ऑप्शन एक्सचेंज के ग्लौबल मार्केट प्लैटफार्म पर डॉलर के सामने ऑफशोर युआन के औसतन दैनिक सौदे जुलाई में 1.7 अरब डॉलर की ऊंचाई पर पहुंच गया था, जो एक साल पहले इसी समय केवल 4210 लाख डॉलर का था।
इन सभी दबावों के प्रतिसाद के रूप में कहा जाता है कि पिछले शुक्रवार को पीपल्स बैंक ऑफ चाईना ने युआन का मूल्य स्थिर करने के प्रयास में अपनी डेईली युआन मीडपोइंट फिक्सिंग पद्धति का अमल पुन: शुरू किया था। इसका मतलब यह होता है कि चीन के स्पोट फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में सभी ट्रेडिंग दिनों में अगले बंद भाव से युआन दो प्रतिशत बढ़े या घटे उसे उस दिन का सेंट्रल पेरिटी रेट माना जाता है। दुसरे शब्दों में सभी बिजनेस दिन में इंटरबैंक बाजार खूले उससे पहले मार्केट मेकर्स द्वारा ऑफर होते औसतन भाव को वेइटेज देकर अमेरिकी डॉलर के सामने युआन का बेस भाव तय होगा, इसे सेंट्रल पेरिटी रेट माना जाएगा।
इस किस्से में अमेरिकी डॉलर के सामने युआन को अधिकतम कमजोर करने का ट्रेडरों के खोटे प्रयास के सामने, बीजिंग लड़ने के इरादा रखता है ऐसा दिखलाना चाहता है। डॉलर के सामने युआन के गिरते मूल्य, ट्रेड वॉर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, इसकी वजह से चीन से निर्यात होती चीजों पर लग रही अमेरिकी टैरिफ की प्रभावशीलता वैसे ही कमजोर हो जाती है।'
ट्रम्प ने तो विदेशी हूंडियामण बाजार में चीन की, यह दादागीरी वाली गैरवाजबी व्यापार पद्धति होने का बीजिंग के खिलाफ खुल्ला आक्षेप रखा है।'
कमजोर युआन की वजह से वैश्विक बाजार में अमेरिकी चीजों को अधिक स्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
बाजार में इस बात का आकार्य है कि ट्रम्प ने युआन के बारे जो टिप्पणीया कर रहे है, उस विषय में अब कोई सिक्रेट नहीं रहा, इसके बावजूद ऐसी केवल एक कोमेंट पर चीन ने युआन को मिड-पाइंट दर तय करने के लिए ऊतावले होकर घोषणा क्यों कर ड़ाली? इस घटना से वाकेफ करेंसी ट्रेडरों का कहना है कि पिछले 6 अगस्त को अमेरिकी सेनेटर लिन्डसे ग्रेहाम और राष्ट्रपति ट्रम्प गोल्फ खेलते थे, तब दोनों के बीच हुई चर्चा को ध्यान में रखते हुए चीन ने उक्त घोषणा का समय तय किया होना चाहिए. रिपब्लीकन सेनेटर ने ऊंचे स्वर में कहा था कि अमरिकी टैरिफ से बचने के लिए चीन जानबूजकर युआन को कमजोर करने में व्यस्त है। यह बात तो तय है कि चीन ऐसे कोई आक्षेप सून ना ले, लेकिन ग्रेहाम ने कि हुई गंभीर टिप्पणियों से आकर्षित होकर बीजिंग ने प्रत्याघाती चरण लिया होना चाहिए।'

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