गेहूं ओपन सेल का टेंडर खटाई में : कृत्रिम कमी का भय

गेहूं ओपन सेल का टेंडर खटाई में : कृत्रिम कमी का भय
एफसीआई ने व्यापारियों से प्रति क्वि. रु. 25 अधिक मांगा 
मणिलाल गाला
गेहूं में विगत सप्ताह टेंडर खटाई में पड़ जाने और इसका समाधान समय पर न आने से कृत्रिम कमी सर्जित हो सकती है। 
इस बारे में मिली जानकारी के अनुसार गत 27 सितंबर को 28 लाख टन गेहूं के ओपन सेल का टेंडर खुला था और अधिकांश व्यापारियों ने 28 सितंबर को पैसा भी भर दिया था। इसके बाद और 30 सितंबर शनिवार और फिर रविवार आ गया। इसके बाद 1 अक्टूबर, सोमवार को व्यापारी जब डिलिवरी लेने गए तो उन्हें कहा गया कि प्रति क्वि. 25 रु. अधिक भुगतान करना होगा। सरकार ने 30 सितंबर तक भाव प्रति क्वि. 1900 रु. निश्चित किया था। इसके बाद 1 अक्टूबर से तीन महीने के लिए 1925 रु. भाव निश्चित किया गया। जबकि व्यापारियों ने 1 अक्टूबर से पहले ही पैसे का भुगतान कर दिया था। इसके बाद एफअीसाई के अधिकारियों की मनमानी के कारण व्यापारियों को प्रति क्वि. 25 रु. अधिक भुगतान करने को कहा और उसके बाद ही डिलिवरी मिलेगी, ऐसा कहा गया। 
बाजार में एनालिस्ट देवेद्र वोरा ने बताया कि टेंडर के नियम के अनुसार व्यापारियों से अतिरिक्त पैसा मांगना गलत है क्योंकि टेंडर 27 तारीख को जारी किया गया था अब उनसे अतिरिक्त पैसा कैसे मांग सकते है? इस तरह यह समग्र प्रक्रिया बाबूशाही के कारण खटाई में पड़ गई है और इसके कारण ओपन मार्केट में भी जाने की संभावना जानी जा सकती है।
इस बारे में शायद कोर्ट मार्केट में भी जाने की संभावना है। एफसीआई के अधिकारियों को इस संबंध में व्यावहारिक रुख अपनाना चहिए।

© 2019 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer