रुई के भाव में रिकार्ड वृद्धि

रुई के भाव में रिकार्ड वृद्धि
कपास निर्यात बढ़ने का अनुमान
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। कपास की पैदावार कम होने के साथ निर्यात मांग बढ़ने से भाव में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
रुई वायदा का भाव 21000 रु. को पार कर गया है जो गत वर्ष का रिकार्ड स्तर है। इस महीने भाव में 5 प्र.श. की वृद्धि हुई है। निर्यात बढ़ने की संभावना के कारण रुई का भाव अभी बढ़ने की धारणा है।
निर्यात मांग बढ़ने का असर रुई के भाव पर भी दिखाई दे रहा है। एमसीएक्स पर (प्रति गांठ 170 किलोग्राम) रुई का भाव 21000 रु. पार कर 21700 रु. हो गया है जो एक महीने पहले प्रति गांठ 20150 रु. था। वायदा में भाव बढ़ने से हाजिर में भी गर्मी आने लगी है। हाजिर बाजार में शंकर-6 का भाव बढ़कर प्रति क्विंटल 12000 रु. हो गया है। तेजी की यह गति आगे भी बरकरार रहने का अनुमान है।
अक्टूबर से शुरू हुई रुई के सीजन का भाव अधिकतम स्तर से 25 प्र.श. घटने के बाद अब इसमें सुधार आया है। एंजल ब्रोकिंग के अनुसार सुधार की गति में तेजी आने की धारणा है।
रुई में चीन की मांग अधिक रही है। कपास निर्यात अभी बढ़ने का अनुमान है। चीन अब तक भारत से 8 लाख गांठ खरीदने का करार किया है जिसमें से लगभग 6 लाख गांठ का सौदा वर्तमान मौसम में हुआ है। चीन की निर्यात मांग बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय बाजार में भी रुई की मांग बढ़ी है। स्थानीय मिलों की रुई खरीदी बढ़ने से हाजिर और वायदा में तेजी देखने को मिल रही है।
कपास के मुख्य उत्पादक राज्य गुजरात और महाराष्ट्र में कम बारिश होने से इस वर्ष कपास की पैदावार कम होने की धारणा है। उत्पादन कम होने और निर्यात मांग बढ़ने से इस वर्ष कपास के भाव में तेजी का नया रिकार्ड दर्ज होने की संभावना देखते हुए स्थानीय मिलों ने खरीदी बढ़ा दी है। रुई की व्यापारियों के अनुसार इस वर्ष जून तक भाव वृद्धि रुकने वाली नहीं है। अकाल के कारण कपास के भाव में आया सुधार तेजी में परिवर्तित हो सकता है।
कृषि मंत्रालय के पैदावार के ताजे आंकड़े में कपास की पैदावार का अनुमान 7.4 प्र.श. घटकर 300.9 लाख गांठ का है जबकि इसके पहले अग्रिम अनुमान में 324 लाख गांठ होने का अनुमान व्यक्त किया गया था। कपास उद्योग के संगठन में भी उत्पादन कम होने का अनुमान व्यक्त किया है। काटन एसो. आफ इंडिया के हाल की रिपोर्ट के अनुसार 2018-19 में देश में कपास का उत्पादन 11 प्र.श. घटकर 328 लाख गांठ होने का अनुमान है। जबकि 2017-18 की सीजन में कपास का कुल उत्पादन 365 लाख गांठ हुआ था। इस वर्ष लगभग 123 लाख हैक्टर में कपास की बोआई हुई है।       

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