रुई की पैदावार घटकर 343 लाख गांठ होने का काटन एसो. का अनुमान

निर्यात 51 लाख गांठ होने की संभावना
 
हमारे प्रतिनिधि
राजकोट। काटन एसो. आफ इंडिया (सीएआई) ने रुई की फसल घटने का संशोधित अनुमान घोषित किया है। 6 अक्टूबर को एसोसिएशन ने औरंगाबाद की बैठक में 348 लाख गांठ पैदावार का अनुमान व्यक्त किया था लेकिन उसे अब घटाकर 343.25 लाख गांठ किया है।
एसोसिएशन ने गुजरात की उपज में 2 लाख गांठ की कमी की है तथा महाराष्ट्र तथा कर्नाटक के अनुमान में एक-एक लाख गांठ की कमी की है। उड़ीसा का अनुमान 75 हजार गांठ कम किया गया है। वातावरण प्रतिकूल होने के कारण संस्था ने अनुमान घटाया है।
अक्टूबर में 50 लाख गांठ की आपूर्ति आने की धारणा थी लेकिन 26.13 लाख गांठ की आवक हुई है। अक्टूबर में 1 लाख गांठ का आयात हुआ था। 2018-19 का सीजन 23 लाख गांठ के प्रारंभिक स्टाक के साथ शुरू हुआ था। अक्टूबर में देश में कुल 27 लाख गांठ की खपत हुई और 2.50 लाख गांठ निर्यात में भेजना पड़ा। अक्टूबर के अंत में स्टाक 20.63 लाख गांठ था।
गुजरात में रुई का उत्पादन 88 लाख गांठ और महाराष्ट्र में 80 लाख गांठ होने की धारणा है।
तेलंगाना में 51, मध्य प्रदेश और हरियाना में 24-24, राजस्थान में 23, पंजाब में 10, आंध्र में 16, कर्नाटक में 17 और तमिलनाडू में 5 लाख गांठ पैदावार होने की धारणा है।
चालू सीजन में कुल 390.25 लाख गांठ उपलब्ध होगी। गत वर्ष में 69 लाख गांठ का निर्यात हुआ था। जबकि इस सीजन में लगभग 51 लाख गांठ का निर्यात होने की धारणा है। स्थानीय खपत 324 लाख गांठ होगी।

© 2018 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer