दिवाली मुहूर्त पर घटे भाव पर हुए तेल के कारोबार

वायदा और हाजिर व्यापार में सोयाबीन पर बढ़े ट्रेड वार से देश के उद्योग हो रहे है मालामाल 
 
हमारे संवाददाता 
बीता हप्ता त्याहारों की छुट्टी में अधिक बीता। सोया औग्ग्र पाम तेल मंदी में रहे वही सोया तेल को  उद्योगो ने भाव घटाकर भी बेचे। विश्व में चल रहे टेड वार का यह असर भी रहा कि उद्योगों का माल अधिक निर्यात के असर बनने से आय भी बढ रही है । गत् हप्ते सोया तेल 751 रु. तक भी  बिका वही सोयाबीन 3365-3400 रु. तक बिक गया । हांलाकि सोया तेल का हाजिर व्यापारिक भाव 755 रु. तक था । पाम तेल इंदौर 705 रु. था। मलेशियन केऐलसीई  और शिकागो सोया तेल वायदा भी गत् हप्ते भी घटा रहा। थोक मंडियों में सोयाबीन  भाव अब उठने लगे थे इससे सोयाबी न की आवके बढ गई थी बताया गया है।  मूंगफली तेल में अब ग्राहकी कमजोर पड़ गई होने से वह भी विगत हप्ते के 980 रु. के भाव से 960 रु. तक गत तक होना बताया जा रहा था। सरसो तेल 840 रु. पर स्थिर रहा। इस वर्ष विश्व में सोयाबीन की स्टॉक अवस्था अच्छी रहने से सोयातेल पर अधिक भाव नही बढने की धारणा को बताया जा रहा है। इस वर्ष किसानो को सरकारी राहतो की सौगातो से किसान जगत् खुशी में बताया गया है। हालांकि मेहनतकश छोटा किसान अभी भी बडे किसानो अर्थात राजनीति से जुड़कर चलने वाले किसानों जैसी मालामाल अवस्था में नहीं आ पाया है। छोटा किसान आज भी पारिवारिक वार्षिक पालन-पौसन में पैसों की जुगत की कारण अपना मेहनत का माल हाथो-हाथ पैसा खड़ा करके अपने दूसरे सीजन की खेती के लिये मेहनत पर निकल जाता है। इसका फायदा आज भी स्टाकिस्ट बडे मजे में उठाते है । व्यापार जगत विश्लेशको के अनुसार विश्व में चल रहे टेड वार से भारत के उद्योगो को निर्यात के अधिक अवसर बनने से उनकी सेहत में इजाफा अच्छा रहने की संभावना है । उनका यह भी मानना है कि भारत में आम जनता  में मध्यमवर्गी को आज भी महगाई की सूचकांक की राहते नहीं मिल रही है । एक बार भाव बढ़ने के बाद वैश्विक भाव घटने पर उतनी रहते नही मिलती है। इस वर्ष पाम तेल मलेशियन सूचकांक भारी गिरा हुआ है । देश में मलेशियन सूचकांक पर सोया तेल हाजिर भाव भी उपर-नीचे होते है मगर पूर्व भाव नहीं आते। देश में नमकीन पर  तेल के बढ़े भाव पर तो भाव बढ़ जाते है  घटते है तो नही घटता था। इस वर्ष कपास्या का अच्छा उत्पदन रहा है मगर कपास्या तेल भी भारी ऊपर के भाव से कुछ घटकर रहा गया । गत् हप्ते कपास्या तेल भाव पूर्ववत्  अर्थात 720 रु. पर ही रहा।  बहरहाल गत् हप्ते इंदौर तेल में मूंगफली तेल 960-970 रु., मुंबई मूंगफली तेल 985 रु. गुजरात लूज 960 रु. रहा। सोया तेल इंदौर 755-760 रु., मुंब्रई सोया तेल 765 रु., पाम तेल मुबई 680 रु. इंदार पाम तेल 705 रु. कपास्या तेल इंदौर 720 रु. और सरसों तेल इंदौर 840 रु. रहा। 

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