टेक्सटाइल्स निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार करेगी पर्याप्त मदद

अप्रैल-सितम्बर 2018 के दौरान काटन टेक्सटाइल्स निर्यात में 26 प्रतिशत की वृद्धि
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। केद्रीय टेक्सटाइल मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि वैश्विक टेक्सटाइल व्यापार में भारत का खास स्थान है और विश्व में भारत दूसरा सबसे बड़ा टेक्सटाइल निर्यातक देश माना जाता है। भारत के कुल टेक्सटाइल्स-क्लोदिंग निर्यात में काटन यार्न और कपड़े के निर्यात का हिस्सा 23 प्रतिशत है। दी काटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन कासिल (टेक्सप्रोसिल) के एक तिहाई सदस्य एमएसएमई केटेगरी के होने से एमएसएमई क्षेत्र के विकास पर अधिक ध्यान केद्रित करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2 नवम्बर को स्पेशल पैकेज घोषित किया है। अब पहली बार बैंककिंग संस्थाएं 59 मिनट मे सिद्धांतिक मंजूरी दे देगी। उद्योग को एटफ स्कीम का और 6000 करोड़ रु. के स्पेशल-एपरल - मेडअप्स पैकेज का लाभ लेना चाहिए। काटन टेक्सटाइल्स का निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार हर मदद करने के लिए तत्पर है।
वह मुंबई में 3 नवम्बर को आयोजित टेक्सप्रोसिल निर्यात अवार्ड 2017-18 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थी।
टेक्सप्रोसिल ने 2017-18 के दौरान श्रेष्ठतम निर्यात कामकाज दर्शानेवाली इकाइयों और निर्यातकों को 32 केटेगरी में 56 पुरस्कार प्रदान किए गए। 38 कंपनियों ने यह पुरस्कार स्वीकार किया और इसमें से 7 कंपनियों को पहली बार यह प्रतिष्ठित निर्यात पुरस्कार मिला। दूसरी ओर इस बार महिला कामगारों सहित रोजगार बढ़ाने के लिए भी पुरस्कार दिए गए।
टेक्सप्रोसिल के अध्यक्ष उज्ज्वल लाहोटी ने कहा कि यूएस-चीन के बीच ट्रेड वार से भारत के काटन टेक्सटाइल्स के निर्यात को फायदा होने की संभावना है। सरकार भी निर्यात बढ़ाने की वैकल्पिक स्कीम लाने वाली है, जो डब्ल्यूटीओ के मानकों के अनुरूप होगी और भारतीय टेक्सटाइल्स की स्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाएगी। पहले की एमईआईएस आदि स्कीमों की जगह यह वैकल्पिक स्कीम लेगी।
टेक्सप्रोसिल ने एमईआईएस के तहत काटन यार्न को शामिल करने और सूती कपड़े की एमईआईएस दर 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत करने की मांग की है। इसके अलावा टेक्सप्रोसिल ने काटन यार्न और कपड़े को आरओएसएल स्कीम में शामिल करने की मांग की है क्योंकि मेडअप्स और गार्म़ेंट के मामले में जिस तरह स्टेट लेवी का भार लगता है, वैसा ही इसमें है। आरओएसएल स्कीम में इस समय मात्र स्टेट लेवी को ही शामिल किया गया है। सेन्ट्रल लेवी का बोझ निर्यातकों को उठाना पड़ता है। निर्यात को स्पर्धात्मक बनाने के लिए इस सेन्ट्रल लेवी को भी नई स्कीम के तहत रिफंडेबल बनाना चाहिए।
अप्रैल से सितम्बर 2018 के दौरान टेक्सटाइल्स-क्लोदिंग का निर्यात 3 प्रतिशत घटा है, लेकिन रेडीमेड गार्म़ेंट का निर्यात 16% घटा है। इसके बावजूद इस अवधि में काटन टेक्सटाइल्स का निर्यात 26.8% बढ़ा है। इस अवधि में काटन टेक्सटाइल्स (रॉ काटन, कपड़ा, मेडअप्स) का निर्यात 623.5 करोड़ यूएएस डालर हुआ है, जो 2017-18 की समान अवधि में 491.7 करोड़ डालर था।
टेक्सप्रोसिल के उपाध्यक्ष डॉ. के. वी. श्रीनिवास ने आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री द्वारा एमएसएमई क्षेत्र के लिए घोषित किए गए पैकेज का स्वागत करते हुए उज्ज्वल लाहोटी ने कहा कि एमएसएमई द्वारा होने वाले निर्यात के लिए प्रि-शिपमेंट और पोस्ट शिपमेंट फाइनेंस पर ब्याज सब्सिडी 3% से बढ़ाकर 5% की गई है। इससे क्षेत्र को काफी राहत मिलेगी। पैकेज के तहत जीएसटी रजिस्टर्ड एमएसएमई को 1 करोड़ रु. तक के इन्क्रिमेन्टल लोन पर 2% ब्याज रिबेट मिलेगा।

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