सरकार के नीतिगत फैसले से दलहनें की सुधरने लगी कीमत

सरकार के नीतिगत फैसले से दलहनें की सुधरने लगी कीमत
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । खाद्यान्न प्रबंधन में जोरशोर से जुटी केद्र सरकार के चुनिंदा नीतिगत फैसलों से जिंस बाजार में दलहनों की कीमतें सुधरने लगी है।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से बफर स्टॉक की दलहनों को रियायती दर की दुकानों से गरीबों को सस्ती दर पर बेचने का फैसला किया है।इससे खुले बाजलार में आस लगाए बैठे व्यापारियों को होश उड़ गए है।जिससे खुले बाजार में दलहरनों की थोक कीमत में सुधार का रुख बन गया है।जिसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर स्पष्ट रुप से देखने को मिल रही है।
दरअसल केद्र सरकार के पास ही फिलहाल दलहनों का सबसे बड़ा स्टॉक है।जिसको लेकर थोक बाजार के व्यापारियों को उम्मीद थी कि सरकार दलहनों की खुली बिक्री करेगी।बहरहाल व्यापारी सांठगांठ बनाकर सरकारी बिक्री को प्रभावित करने की जुगत में थे।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से उनकी मंशा को भांपकर ही यह फैसला लिया है कि दलहनों को पीडीएस की दुकानों से 15 रुपए प्रति किलो की सब्सिडी के साथ गरीब उपभोक्ताओं को बेची जाएगी।जिसको लेकर केद्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर सस्ती दलहनें खरीदने और गरीबों को बांटने का आग्रह किया था।जिसके बाद पहले चरण में सिर्फ छह राज्यों ने हामी भरी है।बहरहाल शीघ्र ही एक दर्जन राज्यों ने उत्साह दिखाया है और तीन लाख टन से अधिक दलहनें खरीदने का ऑर्डर मिल चुका है।इसके साथ श्री सिंह ने उन राज्यों को निराश नहीं किया है जिन्होंने दलहन फसल खरीदने की पेशकश की थी।जिसको लेकर केद्र सरकार की तरफ से चालू फसल विपणन वर्ष में कुल 44 लाख टन दलहन की उपज खरीदने का फैसला किया है।जिसके तहत चालू खरीफ फसल विपणन मौसम में दलहनों की फसल संतोषजनक नहीं थी।वहीं अब रबी फसलों की बोआई रकबा घटने की आशंका है।ऐसे में खुले बाजार में दलहन की  आपूर्ति घटने की आशंका से कीमतें तेज होने लगी है।

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