ईरान को वार्षिक पांच अरब डालर का निर्यात संभव

2019-20 में 60 प्रतिशत निर्यात वृद्धि की गुंजाइश'
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । निर्यात में वृद्वि को लेकर ईरान भारत का संभावित लक्ष्य हो सकता है।बहरहाल इसको लेकर ईरान से कारोबार के रास्ते में आने वाली अड़चनों को दूर करना होगा।जिसको लेकर देश के अग्रणी निर्यातक संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट्स ऑर्गेनाईजेशन (फियो) की तरफ से कहा गया है कि यदि इन अड़चनों को दूर कर लिया जाए तो ईरान को होने वाला निर्यात वार्षिक 5 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचाया जा सकता है।
फियो की तरफ से कहा गया है कि यदि सबकुछ ठीक रहे तो ईरान को होने वाले निर्यात में 2019-20 में 60 प्रतित की वृद्वि मुमकिन है।जिसको लेकर फियो के अध्यक्ष श्री गणेश कुमार गुप्ता ने कहा कि ईरान को निर्यात बढाने में सबसे बड़ी दिक्कत लॉजिस्टिक्स बीमा कंपनियों की तरफ से आ रही है।उन्होंने कहा कि ईरान में भारतीय वस्तुओं की मांग है लेकिन निर्यात प्रक्रिया की कुछ चुनौतियां इसके आड़े आ रही है।चूंकि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते स्थिति ऐसी बन गई है कि लगभग सभी शिपिंग कंपनियां ईरान के बंदरगाह की शिपमेंट से कतरा रहे है।श्री गुप्ता ने कहा कि शिपिंग कंपनियां ही नहीं अपितु कूरियर कंपनियां भी निर्यात संबंधी दस्तावेज वहां डिलीवर करने से बच रही है।जिसके चलते ईरान के साथ होने वाले निर्यात सौदे पूरे नहीं हो पा रहे है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियां भी ईरान को भेज जाने वाले सामान का बीमा नहीं कर रही है।श्री गुप्ता ने कहा कि अमेरिका और यूरोप की शिपिंग,बीमा और कूरियर कंपनियों का यह रवैया भातीय निर्यात को प्रभावित कर सकता है।जिसको लेकर निर्यातक भी इस बाजार की संभावनाओं का पूरी तर से दोहन नहीं कर पा रहे है।उन्होंने कहा कि ईरान को भारत से फिलहाल वार्षिक तीन अरब डॉलर का निर्यात हो रहा है बहरहाल वाहं कृषि उत्पादों,फार्मा और इंजीनियरिंग उत्पादों की काफी संभावनाएं है।

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