अब राजनीति जोरशोर में

पांच राज्यों के विधानसभाओं के चुनाव परिणाम तो 11 दिसंबर- आगामी मंगलवार को घोषित होंगे लेकिन अनेक एजेंसियों के सर्वे- गणना- खबर आ रही है। अधिकृत परिणाम आने के बाद आगे कि राजनीतिक स्थिति का अनुमान आ सकेगा- फिर भी एक बात निश्चित है कि परिणाम चाहे जो आए, आगामी तीन-चार महीने `तूफानी' होंगे। लोकसभा के चुनाव का प्रचार अब जोर-शोर से होगा। मुख्य आधार भाजपा और कांग्रेस को कितने राज्यों में सत्ता मिलती है और सत्ता न मिलने पर भी कांग्रेस कितनी सीटें प्राप्त कर सकती है- उस पर होगा।'
परिणाम भाजपा के पक्ष में आने पर अयोध्या में राम मंदिर के बारे में सक्रिय होगी। परिणाम आने के बाद संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होता है- लोकसभा के चुनाव से पहले संक्षिप्त बजट सत्र होगा और संभव है कि मोदी सरकार अंतरिम बजट के स्थान पर सम्पूर्ण बजट पेश करें।
वीवीआईपी हेलिकाप्टर सौदे में भारी भ्रष्टाचार होने की बात जग जाहिर है। इटली सरकार ने 2014 में जांच की, उसकी रिपोर्ट में भ्रष्टाचार साबित होने के बाद 2015 में सीबीआई ने जांच शुरू की और बिचौलिए क्रिश्चियन जेम्स मिसेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट निकाला। अरब अमीरात के शासकों के सहयोग से यह भगोड़ा पकड़ा गया है- अब कांग्रेस के बड़े सिर पर `तलवार'- हेलिकाप्टर लटक रही है! परिणाम चाहे जो आए- अब नरेद्र मोदी भगोड़ों के खिलाफ भारी आक्रामक बनेंगे और लोकसभा चुनाव से पहले देश के समक्ष `रिपोर्ट कार्ड' पेश करेंगे, ऐसा कहा जा सकता है। अन्य बहुत से मामलों की रिपोर्ट पेश होगी।'
इस जेम्स मिसेल ने यूपीए सरकार को वीवीआईपी हेलिकाप्टर बेचने के लिए भारत आवागमन पर एयर टिकटों का 12 करोड़ रु. अदा किया था। उससे मध्यस्थ को मिली रकम का अंदाजा लगाया जा सकता है।
'उत्तर भारत के तीन राज्यों- छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश में और इन तीनों राज्यों में लोकसभा का चुनाव- एक वर्ष बाद- 2014 में हुआ तब भाजपा ने नरेद्र मोदी के नाम पर बड़े पैमाने पर जीत हासिल कर कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया था। अब पुनरावर्तन होने पर चमत्कार नरेद्र मोदी के नाम और काम का होगा...
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए यह चुनावी जंग राजनीतिक जीवन- मरण के जंग जैसा था। सम्पूर्ण जवाबदारी उनकी थी- हार- अथवा जीत- उनके नाम रहे और उनका रजनीतिक कैरियर निश्चित करे। पांच राज्यों में से मिजोरम की तुलना में तेलंगाना का महत्व है क्योंकि दक्षिण भारत में कर्नाटक के बाद तेलंगाना की आशा है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्राबाबू नायडू यहां राहुल गांधी के समर्थन में आए क्योंकि उनको भय है कि भाजपा के तेलंगाना में सफल रहने के बाद आंध्र की बारी आएगी। चंद्राबाबू का व्यूह राहुल गांधी की मदद करने के स्थान पर कांग्रेस की ``पाल'' बांधना है।'
तीन हिंदी भाषी राज्यों में भाजपा द्वारा लगभग जोरदार बहुमत प्राप्त करने के बाद अब उसमें वृद्धि करने का प्रश्न नहीं है लेकिन देखना यह है कि कमी कितनी आती है और कांग्रेस को कितनी सीटें मिलती हø। राजस्थान में पांच वर्ष में सरकार बदलती है। भैरोसिंह की सरकार लगातार दूसरी बार आई थी उसका लाभ वसुंधरा राजे को मिलेगा। यदि सत्ता परिवर्तन हो तो कांग्रेस के मुख्यमंत्री के दो उम्मीदवारों में से राहुल गांधी यदि युवा सचिन पायलट को पसंद करते है तो भी पार्टी में विवाद होगा।'
छत्तीसगढ़ में भाजपा के रमण सिंह है। कांग्रेस का वोट पूर्व कांग्रेसी मुख्य मंत्री अजीत जोगी तोडेंगे, उनके साथ मायावती है।
मध्यप्रदेश में बराबरी का जंग था । दोनों पार्टियों ने पूरी ताकत लगाई है और देव- देवियों की पूजा- अर्चना कर मतदाताओं को वचन दिया है।'
इस चुनाव में अनेक मुद्दे थे। मुख्य तो हिंदू धर्म के लिए स्पर्धा हुई और भाजपा के लिए अयोध्या का मुख्य मुद्दा बना। उसके बाद विपक्ष ने देव- देवियों भूलकर `जगत के तात' किसानों को राजधानी के रण मैदान में उतारा...
अब देखना है कि मतदाता- देव किसे फलीभूत होते है। '

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