टेक्सटाइल निर्यात : वैकल्पिक प्रोत्साहन योजना की कवायद

विशेषज्ञ समूह डब्ल्यूटीओ को अनुकूल योजना की रिपोर्ट देगा अगले सप्ताह'
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। भारत की वर्तमान प्रोत्साहन स्कीम के सामने विरोध होने से केद्र सरकार ने इसके विकल्प के रूप में निर्यात प्रोत्साहन स्कीम लाने वाली है जो वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइशन (डब्ल्यूटीओ) दिशा निर्देश के अनुसार होगा।
वैकल्पिक स्कीम यदि आयी तो एमईआईएस, एक्सपोर्ट प्रमोशन कैपिटल गुड्स (ईपीसीजी) 100 प्र.श. निर्यातोन्मुखी इकाईयां (ईओयू), स्पेशियल इकोनामिक जोन (एसईजेड) आदि स्कीमों के बदले इसका स्थान लेगी। इसमें समर्थन का जो स्तर होगा वह मौजुदा स्तर से नीचे न हो, उक्त जानकारी दी काटन टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काøसिल (टेक्सप्रोसिल) के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर सिद्धार्थ राजगोपाल ने दी।
डब्ल्यूटीओ-काम्पेटिबल वैकल्पिक स्कीम के बारे में सूचना देने के लिए केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के तहत दी काटन टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन कासिल ने कन्सल्टिंग फर्म इकद्वराज एडवाइजर्स एलएलपी की सेवा प्राप्त करती है। यह कंपनी `स्टडी आन अल्टरनेट एक्सपोर्ट प्रमोशन स्कीम' संबंधी रिपोर्ट सरकार को देगी ऐसी जानकारी लाहोटी ओवरसीज के चेयरमैन उज्ज्वल लाहोटी ने दी।
इसके अलावां विशेषज्ञों की एक समिति न्युक्त की गयी है। इस समिति में प्रख्यात अर्थशात्री वीणा झा, भूतपूर्व डब्ल्यूटीओ डिप्टी डायरेक्टर जनरल हर्षवर्धन सिंह और डब्ल्यूटीओ में भूतपूर्व अम्बेसडर जयंत दास गुप्ता का समावेश है। यह समिति काटन टेक्सटाइल्स की संपूर्ण वैल्यूचैन यार्न, कपड़ा, मेडप्स और स्वतंत्र प्रोसेसिंग इकाई आदि के बारे में अध्ययन कर रिपोर्ट देगी।
वैकल्पिक स्कीम की रिपोर्ट यह समिति आगामी सप्ताह में सुपुर्द कर देने वाली है। इसमें वैकल्पिक स्कीम को रोजगार सर्जन के साथ जोड़ें और दूसरा अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने के साथ जोड़ लिया जाएगा, तीसरा नई स्कीम फ्री आन बोर्ड (एफओबी) वैल्यू की तुलना में अधिक स्वीकार्य दृष्टिकोण होगा।
भारत की वर्तमान निर्यात प्रोत्साहन स्कीमों को युनाइटेड स्टेट्स ने डब्ल्यूटीओ में चुनौती दी है। यूएस का तर्क है कि भारत अब तीन ट्रीलियन डालर की अर्थव्यवस्था बन जाने से उसके छोटे अर्थतंत्र जैसे कि बांग्लादेश, वियतनाम, पाकिस्तान को वैश्विक बाजार में स्पर्धा देने के लिए वाह्य प्रोत्साहनों की जरूरत नहीं है। डब्ल्यूटीओ इस इस्यू के बारे में जांच के लिए एक कमेटी की नियुक्ति की है। जो एक दो महीने में अंतिम रिपोर्ट देगी।
इस समय भारत सरकार मर्चेन्डाइज एक्सपोर्ट इन्सेंटिव स्कीम (एमइआईएस) के तहत 2-4 प्र.श. इन्सेंटिव निर्यातकों को देती है। इसके अलावा उत्पादन प्रोत्साहन जैसे कि इंटरेस्ट सबवेंशन और टेक्नोलाजी अपग्रेडेशन फंड स्कीम (टफ) आदि देती है।

© 2018 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer