खाद्यतेलों में तेजी का रुख : सोयाबीन में मंदी की संभावना

हमारे संवाददाता'
गत हप्ते भी खाद्यतेलों में बाजारू मांग का अभाव था । गत् हप्ते की शुरुआत में शिकागो सोयातेल वायदा' 51 प्लस की' तेजी ने और मलेशियन केएलसीई की 17 पाइंट की तेजी से' खाद्यतेलों में थोड़ी तेजी आई जरूर है । इससे सोयातेल और अन्य खाद्यतेल में मंदी के बाद हल्की तेजी रही मगर स्टॉक की अधिकता के कारण और वैश्विक मंदी से खाद्यतेलों में अधिक तेजी नहीं बन पाई । सोयातेल गत् हप्ते 729 तक का घर देखने के बाद गुरुवार तक 735 रु. तक तेजी बना चुका था। कपास्या तेल भी 650 के बाद 657 रु. तक होना बताया जा रहा था।' मूंगफली तेल 950 रु. तक' स्थिर रहा । हालांकि अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजारों में क्रूड पर हो रही उथल-पुथल से खाद्यतेल भाव आगे दबे रहने की धारणा को बताया जा रहे है । भारत में मगर मांग की कमी से और आगे वैश्विक मंदी की धारणा से' भारत के वायदा बाजार एनसीडीईएक्स में गत् हप्ते गुरुवार को सोया तेल मंदी में 730 रु. के बाद फरवरी तक के सौदे 725 तक मंदी में हुए बताए गया है । मलेशियन केएलसीई गत् हप्ते भी दबी रही और शिकागो सोयातेल वायदा भी गत् हप्त मंदी में रहा बताया गया । पामतेल उत्पादक कुछ देशों में निर्यात कर को घटाकर भी बेचा जा हर होने के बावजूद घट रहे पामतेल भाव के पीछे भारत के आयात टेरिफ के कारण मांग में कमी आने का होना बताया जा रहा है । पामतेल उत्पादक देशों में वहां अब तक कोई 30 प्रतिशत तक भाव गिर चुके है बताया जा रहा है' । हालांकि देश के आयातकों को फिर भी आयात की पेरिटी उत्पादक देशों में घटे निर्यात कर पर भी आयात करना पौसा रहा होने से आयात में कमी नहीं होना बताई जा रही है । आगे आयातित सीपीओ में पड़तल बैठने से भारी मंदी आने से' भी सोयातेल में आगे मंदी की संभावना बताई जा रही है । छोटे व्यापारियों के अनुसार पामतेल का पहले मिलावट में जाता था मगर सरकार की सख्ती मिलावट पर कसी होने से भी आयतक आर स्टाकिस्ट थोड़े सम्हलकर चल रहे बताया जा रहा है। सोयाबीन के देश मे उत्पादन को कम होना बताया जा रहा है इससे घरेलू बाजार में सोयाबीन के भाव 3300 रु. तक बने हुए है । जबकि विश्व में उत्पादक देशों में भाव में भारत की तुलना अधिक गिरे बताया जा रहा है । उधर कृषकों के विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व के अनुपात में भारत के कृषि उपार्जनों पर भाव कम ही बढ़ते है सोयाबीन पर भी भाव' स्टाकिस्ट सट्टेबाजों के कारण कोई अधिक नहीं बढ़ पाये थे । सोयाबीन पर भाव' में तेजी नहीं बनने पर थोक मंडियों में सोयाबीन की आवक भी कम होना बताई जा रही है । प्लांटो की खरीदी 2575 से 3320 रु. तक क्वालिटी मुजब बढ़ रही है । देश में शुद्ध भारतीय तेल मूंगफली तेल में गत् हप्ते ऊंचे भाव पर मांग में कमी आने से स्थिर ही रहा । जानकारों के अनुसार पामतेल का आयात ही देश के सोयातेल उद्योगों पोषक भी है । भारत में खाद्यतेलों की मांग को देखा जाए तो घरेलू स्तर पर सामान्य ही है । मगर माल संस्कृति,' बेस्ट-प्राइस, डी-मार्ट 'में देखे गये स्टॉक और खुले बाजार के बड़े स्टाकिस्टों के कारण उद्योगों को मांग अधिक लगने लगी है । उत्पादन भी सामान्य रहने से तेल स्टाक की कमी उद्योगों के पास नहीं है । ठंड की मांग को देखत हुए सरसों तेल में भी गत हप्ते तेजी हो सकती है। भाव 850-860 रु. तक होना बताए जा रहे थे । बहरहाल गत् हप्ते इंदौर तेल में मूंगफली तेल 950-970 रु., मुंबई मूंगफली तेल 960 रु. गुजरात लूज 930-940 रु. तेलिया का भाव 1490 रु. रहा । सोयातेल इंदौर 735-738 रु., मुंबई सोयातेल 725 रु., पामतेल मुंबई 635 रु. इंदौर पामतेल 650 रु. कपास्या तेल इंदौर 657' रु. और सरसों तेल इंदौर 850 रु. का भाव रहा।

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