जीएसटी रिटर्न नहीं भरने वालों की नहीं होगी माल की ढुलाई

हमारे संवाददाता
जीएसटी कलेक्शन में लगातार गिरावट से चिंतित केद्र सरकार ने टैक्स चोरी रोकने को लेकर जीएसटी रिटर्न नहीं भरने वालों पर सख्ती शुरु कर दी है।जिसको लेकर केद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के तहत जीएसटी रिटर्न नहीं भरने वाले व्यापारियों के ई-वे बिल जेनरेट करने पर रोक लगा दी गई है और अब वह 50,000 रुपए से अधिक के माल की ढुलाई नहीं कर सकते है।
केद्रीय वित्त मंत्रालय के आदेश के तहत जीएसटीएन सभी सप्लायर्स या रेसिपएंट को ई-वे फाइलिंग पोर्टल पर ब्लॉक करेगा जिन्होंने किसी भी दो टैक्स पीरियड यानि महीने या तिमाही में रिटर्न नहीं भरा है।इससे अब उनके लेकर माल का ट्रांसपोर्टेशन मुमकिन नही होगा क्योंकि जीएसटी कानून के तहत 50 हजार रुपए से अधिक माल की आवाजाही पर ई-वे बिल भरना अनिवार्य है।यह इंटरस्टेट और राज्य के भीतर दोनों तरह की ढुलाई पर लागू होगा।इस समय लगभग 28 प्रतिशत असेसी जीएसटी रिटर्न नहीं भर रहे है जबकि ई-वे बिल जेनरेटशन की तादाद अधिक है।जिसको लेकेर केद्र सरकार को आशंका है कि ऐसे लोग माल सप्लाई तो कर रहे है बहरहाल उस पर वाजिब टैक्स नहीं दे रहे है।जिसके तहत 20 दिसम्बर तक भरे गए नवम्बर महइाyने के जीएसटीआर-बी की फाइलिंग को लेकर 99 लाख असेसी एलिजिबल थे बहरहाल लगभग 70 लाख ने ही इसे भरा।इसके साथ ही छोटी कैटेगरी के कंपोजिशन डीलर्स में से लगभग 25 प्रतिशत ने हालिया तिमाही रिटर्न नहीं भरा है।ऐसे में नॉन फाइलर्स की तादाद में दिसम्बर में रिकॉर्ड इजाफा हुआ।जिसको लेकर अधिकारियों की तरफ से कहा गया है कि ई-वे बिल पर रोक के बाद टैक्स चोरी करने वाले नॉन-फाइलर्स को पकड़ा आसान हो जाएगा।यद्यपि ई-वे बिल फाइलिंग दो चरणों में होती है।

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