जीडीपी में वृद्धि जारी रहेगी

मुंबई। नए वर्ष की शुरुआत नई आशा के साथ हुई है क्योंकि आर्थिक मोर्चे पर अनेक घटकों ने आकार लिया है। हालांकि यह इलेक्शन वर्ष है तथा तेजी को आगे बढ़ाने के लिए स्थिर सरकार की अपेक्षा है। बाजार विशेषज्ञों के विचार से शेयर बाजार की चाल का आधार तीसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम, मेक्रो डेटा तथा व्यापार क्षेत्र में रक्षणवाद संबंधित चाल, विदेशी भंडार का प्रवाह आदि है।
इंडिया निवेश सिक्योरिटीज के रिटेल रिसर्च हेड धर्मेश कांत ने कहा कि भारतीय मार्केट 2018 में विश्व के श्रेष्ठ कामकाज करने वाले इक्विटी मार्केट में से एक था। अभी तक बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 3.13% बढ़ा है। मेक्रो फ्रन्ट पर सभी घटक भारत के लिए अनुकूल है। क्रूड आयल के भाव में तीव्र गिरावट हुई है। रुपया मजबूती के साथ स्थिर हो रहा है। एफएमसीजी, कंज्यूमर डय़ूरेबल्स, पेंट और बीएफएसई जैसे क्षेत्र निवेशकों के लिए लाभदायी बने रहेंगे। कमजोर पीएसयू बैंकों के बड़े और मजबूत बैंकों के साथ मर्जर से और स्थिरता आएगी। मेटल्स, स्टील, इंफ्रा और सीमेंट में चंचलता रहेगी। वित्त वर्ष 2018 और 2019 के अर्निंग्स के नीचे बेस का लाभ लेने के लिए बाजार सुसज्ज है। विश्व की महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं में 2019 और 2020 के कैलेंडर वर्ष में जीडीपी में अच्छी वृद्धि के लिए भारत ही सुसज्ज है।

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