कुंभ मेला : प्रयागराज पूरी तरह सुसज्ज

हमारे संवाददाता 
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थल प्रयागराज कृंभ मेला को लेकर अब पूरी तरह से सुसज्य है।इस बार मकर संक्राति 15 जनवरी को प्रस्तावित है।ऐसे में प्रयागराज का कुंभ मेला भी 15 जनवरी से शुरु होगा।जिसको लेकर पहला शाही स्नान मकर संक्रति यानि 15 जनवरी 2019 को ही होगा और यह कुंभ मेला 4 मार्च 2019 तक यान पूरी 50 दिन शिवरात्रि तक चलेगा।ऐसे में मकर संक्राति के दिन सुर्य धन राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तराण की शुरुआत हो जाती है।जिसके बाद पौष पुर्णिमा 21 जनवरी को है।इस दिन गंगा स्नान से मोझ की प्राप्ति होती है।मौनी अमवस्या 4 फरवरी को प्रस्ताविक है।इस दिन कुंभ के पहले तीर्थाकर ऋषभदेव ने अपनी लंबी तपस्या का मौन व्रत तोड़ा था और संगम के पवित्र जल में स्नान किया किया था।बसंत पंचमी 10 फरवरी को है और इस दिन देवी सरस्वती का जन्म हुआ था।इस दिन पवित्र स्नान विशेष महत्व है।माधी पूर्णिमा 19 फरवरी को होने है।जिसको लेकर मान्यता है कि इस दिन हिन्दू देवता स्वर्ण से संगम पधारे थे ऐसे में माधी पूर्णिमा को कल्पवास की पूर्णता पर्व कहा जाता है।महाशिवरात्रि 4 मार्च को प्रस्तावित है।इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती इस पावन पर्व पर कुंभ में सभी भक्त संगम में डुबकी अवश्य लगाते है और इसी दिन कुंभ का समापन भी है।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तरफ से प्रयागराज में गंगाघाट पर सुरक्षा के दृष्टिगत गंगाघाटों पर बैरिकेटिंग की गई है ताकि आम जनमानस को पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था कायम की जा सकेगी।वहीं गंगाघाट को शानदार तरीके से सजावट की गई है।जिसमें हजारों एलईडी लाइटें लगाई गई है।जिससे अभी से गंगाघाट जगजगा रही है।इस बार के कुंभ मेला में दुनिया भर से श्रद्वालुओं के आने की उम्मीद है और कुंभ मेले पर प्रयागराज में मौजूद त्रिवेणी यानि गंगा,यमुना व सरस्वती के संगम में सभी भक्त डुबकी लगाएंगे।जिसको लेकर ऐसी मानयता है कि इस त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने से सभी पापों का नाश हो जाता है।जिसके चलते बड़े बड़े साधु संतों से लेकर सभी श्रद्वालु कुंभ मेले में शामिल होते है। 

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