आर्थिक विकास दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान

आर्थिक विकास दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान
कृषि व मेन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद
हमारे संवाददाता
कृषि और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन और निवेश की स्थिति सुधरने से चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी यानि विकास दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है।विकास दर का यह आंकड़ा बीते तीन वर्ष में सर्वाधिक है।ऐसे में खास बात यह है कि चालू वित्त वर्ष में देश की प्रति व्यक्ति आय सवा लाख रुपए से अधिक रहने का अनुमान है।
दरअसल केद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की तरफ से चालू विर्ष को लेकर जीएसटी का प्रथम अग्रिम अनुमान 7 जनवरी 2019 को प्रस्तुत किया।जिसके तहत चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी (स्थिर मूल्यों पर) 139.52 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है।वहीं वित्त वर्ष 2017-18 में यह 139.11 लाख करोड़ रुपए था।इसी तरह से चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्वि दर 7.2 प्रतित रहेगी जो कि पिछले वित्त वर्ष में 6.7 प्रतिशत रही थी।उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2015-16 में विकस दर 8.1 प्रतिशत थी।बहरहाल नवम्बर 2016 में मोदी सरकार की तरफ से नोटबंदी के फैसले और उसके बाद पहली जुलाई 2017 से जीसटी के क्रियान्वयन के चलते जीडीपी वृद्वि दर थोड़ी धीमी पड़ गई थी।जिससे वित्त वर्ष 2016-17 में जीडीपी विकास दर घटकर 7.1 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2017-18 में फिसलकर 6.7 प्रतिशत के स्तर पर रह गई थी।ऐसें में सीएसओ के ताजा अनुमानों से पता चलता है कि देश की अर्थव्यवस्था में निवेश की स्थिति भी सुधर रही है।जिसके तहत चालू वित्त वर्ष में ग्रॉस फिक्सड कैपिटल फॉर्मेशन 32.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।वहीं पिछले वर्ष यह 31.4 प्रतिशत थी।जीएफसीएफ की वर्तमान दर बीते छह वर्ष में सर्वाधिक है।ऐसे में सीएसओ के तहत देश की अर्थव्यवस्था आठ क्षेत्रों में से बिजली,गैस,जलापूर्ति व अनय यूटिलिटी सेवाएं, कंस्ट्रक्शन, मैन्युफैक्चरिंग,लोक प्रशासन और रक्षा व अन्य सेवाओं की वृद्वि दर सात प्रतिशत से अधिक रही है।जहां तक देश की अर्थव्यवस्था के प्राथमिक क्षेत्र का सवाल है तो चालू वित्त वर्ष में कृषि,वानिकी और मत्स्यपालन क्षेत्र की वृद्वि दर 3.8 प्रतिषित रहने का अनूमान है।पिछले वित्त वर्ष में यह 3.4 प्रतिशत थी।हालांकि खनन क्षेत्र की वृद्वि दर महज 0.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 2.9 प्रतिशत थी।चालू वित्त वर्ष में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की वृद्वि दर चालू वित्त वर्ष में 8.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि 2017-18 में इसमें 5.7 प्रतिशत की वृद्वि हुई थी। बिजली,गैस,जलापूर्ति व अन्य यूटिलिटी सेवाओं की वृद्वि दर भी शानदार रहने का अनुमान है।चालू वित्त वर्ष में इस क्षेत्र की वृद्वि दर 9.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि पिछले वर्ष यह 7.2 प्रतिशत थी।इसी तरह कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की वृद्वि दर भी पिछले वर्ष की 5.7 प्रतिशत से बढकर इस वर्ष 8.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

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