असम का बजट : एक रुपए किलो चावल व दुल्हन को एक तोला सोना देने का प्रस्ताव

हमारे संवाददाता
गुवाहाटी । असम के वित्त मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने 6 फरवरी 2019 को राज्य के 2019-20 का बजट प्रस्तुत किया।जिसमें वित्त मंत्री ने 1,193 करोड़ रुपए के घाटे का बजट प्रस्तुत करते हुए किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया है।इसके साथ ही वित्त मंत्री ने गरीबों को एक रुपए मूल्य पर चावल देने तथा दुल्हनों को एक तौला सोना देने का प्रस्ताव किया है।बजट में विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता का भी प्रस्ताव किया गया है।अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को वित्तीय सहायता का प्रस्ताव है।सरमा ने कहा कि असम जैसे विशेष श्रेणी वाले राज्यों में 10 लाख रुपए तक के कारोबार वाली कंपनियों को लेकर माल व सेवा कर (जीएसटी) के तहत पंजीकृत कराना अनिवार्य है।बहरहाल छोटे कारोबार और उनके छोटे आधार को देखते हुए असम सरकार ने जीएसटी के तहत पंजीकरण की सीमा को बढावा 20 लाख रुपए कर दिया है।जिसे जीएसटी काउंसिल की मंजूरी के बाद पहली फरवरी से लागू किया गया है।वित्त मंत्री ने सामान की आपूर्तिकर्ताओं को लेकर जीएसटी के तहत पंजीकरण की सीमा को बढाकर 40 लाख रुपए कर दिया है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत केद्र सरकार असम में 57 लाख परिवारों को तीन रुपए किलो पर चावल उपलब्ध करा रही है।इसका लाभ राज्य की 2.46 करोड़ की आबादी को मिल रहा है।

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