कपास की एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीदी के बावजूद स्टॉक बोझ से त्रस्त किसान

सरकारी एजेंसियों से कपास की एमएसपी पर और खरीदी की गुजारिश
रमाकांत चौधरी'
नई दिल्ली । देश के विभिन्न कपास उत्पादक राज्यों की मंडियों में चालू कपास मौसम के तहत अब तक कपास की आवक लगभग 3.68 करोड़ गांठ हो गई है।बहरहाल देश की विभिन्न मंडियों में अब कपास की दैनिक आवक घटकर 20/22' हजार गांठ रह गई है।ऐसे में किसानों के पास अभी भी लाखों गांठ कपास का स्टाक बचा हुआ ह।ऐसे में किसानों की चाहत है कि सरकारी एजेंसियां कपास की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर और की जाए ताकि उनकी माली हालत में सुधार हो सकेगा।
दरअसल केद्रीय कपड़ा मंत्रालय के अधिनस्थ कार्यरत भारतीय कपास निगम लिमिटेड(सीसीआई) की तरफ से चालू कपास विपणन मौसम को लेकर घोषणा की थी कि चालू कपास विपणन मौसम के अंत यानी सितम्बर तक किसानों से कपास की खरीदी की जाएगी।बहरहाल अब सीसीआई की तरफ से किसानों से कॉटन की खरीदी काफी घटा दी गई है।जिसको लेकर कपास के किसान काफी आहत है और सीसीआई से गुहार लगाई है कि कपास के स्टाक को अविलम्ब खरीदी जाए ताकि किसानों की हालत दुरुस्त हो सकेगा।हालांकि भारतीय कपास निगम लिमिटड(सीसीआई) की तरफ से चालू कपास विपणन मौसम 2019-20 में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर एक करोड़ गांठ कपास की खरीद कर रिकॉर्ड बनाया है।वहीं सीसीआई के पास पिछले वर्ष की भी लाखों गांठ कपास का बगैर बिका स्टॉक है।ऐसे में सीसीआई की कोशिश है कि नए कपास मौसम जो कि 31 अक्टूबर से श्ìारु होने है।जिससे पहले ही सभी कपास की गांठों खुले बाजार में बिक्री कर दें जो कि संभव नहीं लगता है।हालांकि सीसीआई ने पिछले कुछ दिनों में ही 7 लाख गांठ कपास की बिक्री की है।सीसीआई ने पिछले पांच वर्ष में पहली बार कपास की इतनी बड़ी संख्या में बिक्री की गई है जो कि एक रिकार्ड है।हालांकि घरेलू कपास बाजार के विशेषज्ञों की तरफ से कहा जा रहा है कि सøट गिरने से कपास की मांग ढीली पड़ गई है।ऐसे में कपास के मंदेड़िये की तरफ से कहा जा रहा है कि कपास 3200 रुपए प्रति कøडी रह सकती है क्योंकि भारत सहित वैश्विक बाजारों में बगैर बिके कपास गांठों का बंपर स्टाक बना हुआ है।इसीबीच अगले नए कपास विपणन मौसम 2020021 को लेकर देश में अब तक किसानों की तरफ से कपास की बोआई 118.05 लाख हैक्टेयर में कर ली है और कुछ राज्यों में कपास की बोआई अभी भी कायम है।वहीं पिछले वर्ष देश में कपास की कुल बोआई 126.99 लाख हैक्टेयर में हुई थी।ऐसे में इस बार कपास बोआई के समय बारिश काफी अच्छी रही है।ऐसे में यदि मौसम आगे भी अनुकूल रहा तो इस वर्ष देश में कपास की रिकॉर्ड पैदावार होने की संभावना है।ऐसे में देश में अगले कपास फसल मौसम में कपास की पैदावार 4 से 4.25 करोड़ गांठ होने के कयास लगाए जा रहे हø।वहीं चीन में कपास की उपज 5 करोड़ गांठ रहने का अनुमान है।वहीं विश्व भर में कपास की पैदावार 10-11 करोड़ गांठ से अधिक होती है। भारत में अक्टूबर के शुरुआत में नए कपास की आवक मंडियों में होने लगती है।हालांकि हरियाणा व राजस्थान की मंडियों में नए कपास की आवक सितम्बर में शुरु होने लगती है।उल्लेनीय है कि चीन विश्व का सबसे बड़ा कपास उत्पादक व उपभोक्ता देश है।वहीं विश्व में कपास उपज के मामले में भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है।हालांकि इससे पहले अमेरिका कपास के उत्पादन के मामले में दूसरे स्थान पर था।

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