उर्वरक विभाग और एचयूआरएल के बीच समझौता

तीन उर्वरक संयंत्र को मिलेगा रु.1257 करोड़ का ब्याज मुक्त ऋण
हमारे संवाददाता 
नई दिल्ली । केद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने 8 सितम्बर 2020 को हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) के सिंदरी,गोरखपुर और बरौनी के तीन उर्वरक संयंत्रों का पुनरुद्वार करने के लिए इसे 1257 करोड़ रुपए का ब्याज मुकत ऋण प्रदान किया है।जिसको लेकर एचयूआरएल,सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) इंडियन ऑयल कॉपोरेशन लिमिटेड (अइा…ओसीएल) और फर्टिलाइजर कॉपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआईएल) के बीच एक साझा उद्यम है।जिसको लेकर एक सरकारी ब्यान के तहत केद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा,केद्रीय उर्वरक सचिव,केद्रीय उर्वरक अतिरिक्त सचिव और एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक की उपस्थिति में उर्वरक विभाग और एचयूआरएल के बीच ऋण समझौते को अंतिम रुप दिया गया।जिसके तहत केन्द सरकार ने तीन बंद उर्वरक इकाइयों को पुनरुद्वार के लिए एचयूआरएल को 1,257.82 करोड़ रुपए के ब्याज मुक्त ऋण देने की मंजूरी दी।जिसके तहत एचयूआरएल को गोरखपुर,सिंदरी और बरौनी परियोजनाओं के लिए क्रमश:422.28 करोड़ रुपए,415.77 करोड़ रुपए और 419.77 करोड़ रुपए मिले।इस ऋण का भुगतान 8 वर्ष़ों में करना होगा जें कि 2022-23 से शुरु होगा।इस अवसर पर केद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा कि घरेलू यूरिया उत्पादन को बढावा देने और आयात पर निर्भरता को कम करने के केद्र सरकार के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एचयूआरएल की तीन उर्वरक इकाइयां को 2021 तक नीम लेपित यूरिया का व्यवसायिक उत्पादन शुरु करने में मदद मिलेगी।जिसको लेकर एचयूआरएल गोरखपुर,सिंदरी और बरौनी में तीन गैस आधारित यूरिया विनिर्माण इकाइयां स्थापित कर रही है।जिसके तहत प्रत्येक संयंत्र की क्षमता 12.7 लाख टन प्रति वर्ष है।

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