खरीफ फसलों को फायदा पहुंचने की उम्मीद बढ़ी

देश के कई हिस्सों में अगले पखवाड़े होगी झमाझम बारिश
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । इस वर्ष देश में मानसून की बेहरबानी से किसानों के चेहरे पर मुस्कान बनी हुई है क्योंकि खरीफ फसलों की बोआई  शानदार हुई है।यद्यपि देश के कई हिस्सों में अगस्त की तुलना में सितम्बर में अब तक बारिश अपेक्षाकृत कम हुई है।बहरहाल भारतीय मौसम विभाग की तरफ से स्पष्ट से कहा जा रहा है कि चालू माह के दूसरे पखवाड़े में देश के कई हिस्सों में अच्छी बरसात होने की संभावना है।जिससे खरीफ फसलों को व्यापक फायदा पहुंचने की उम्मीद बंधेगी।जिससे खरीफ फसलों की उत्पादकता बढेगी और रिकॉर्ड खरीफ उपज होने की संभावना बनेगी। 
दरअसल भारतीय मौसम विभाग की तरफ से कहा गया है कि मानसून मध्य सितम्बर से पश्चिम राजस्थान से वापस होगा बहरहाल देश के दूसरे हिस्से से इसकी समान रुप से वापसी नहीं होगी बल्कि सितम्बर के तीसरे सप्ताह से देश के कई हिस्सों में और अधिक बारिश होगी।जिसके चलते इस वर्ष जून-सितम्बर के मानसून मौसम में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की जाएगी।जिसको लेकर भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने 7 सितम्बर 2020 को कहा कि सितम्बर महीने में अगस्त की तुलना में अभी तक बारिश कम हुई है बहरहाल आगामी दिनों में फिर से झमाझम बारिश की शुरुआत हो जाएगी क्योंकि फिर से बारिश का माहौल बन रहा है।उन्होंने कहा कि पहली से छह सितम्बर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून में कुल 107 प्रतिशत बारिश हुई है।दक्षिण-पश्चिम को ग्रीष्मकालीन मानसून भी कहा जाता है।जून महीने में दीर्घावधि औसत लॉग टर्म एवरेज या एलपीए की 90 प्रतिशत से 104 प्रतिशत बारिश सामान्य मानी जाती है जिससे खेती को भारी मदद मिलती है जिससे कृषि उपज अच्छी होती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।वहीं महापात्र ने आगे कहा कि भारत के बिल्कुल उत्तर-पश्चिमी इलाके से समय पर ही मानसून की वापसी शुरु हो जाएगी।बहरहाल हम अभी यह अध्ययन कर रहे हø लेकिन देश से मानसून की वापसी कब तब होगी।जिसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है हालांकि देश से इस बार मानसून की विवाई अक्टूबर मध्य तक होगी।  

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