मध्य प्रदेश में नए सोयाबीन की आवक, क्वॉलिटी घटिया

मध्य प्रदेश में नए सोयाबीन की आवक, क्वॉलिटी घटिया
इंदौर। मध्य प्रदेश की मंडियों में फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) की नई सोयाबीन आने लगी है लेकिन इसकी क्वॉलिटी घटिया है। राज्य में हुई भारी बारिश से सोयाबीन की क्वॉलिटी प्रभावित हुई है। इंदौर मंडी में मंगलवार को हुए मुहूर्त सौदे में आई सोयाबीन में नमी की मात्रा 15-25 फीसदी थी जो कि स्टैंडर्ड स्तर 10-12 फीसदी से कहीं ज्यादा है। पूरे राज्य में सोयाबीन की दैनिक आवक दस हजार बोरी के करीब है,जो आने वाले समय में बढ़ेगी। नई सोयाबीन 3100-3350 रुपए प्रति क्विंटल बोली जा रही है जबकि पुरानी सोयाबीन 3700-3750 रुपए प्रति क्विंटल बिक रही है। 
अनाज दलहन तिलहन व्यापार संघ के प्रेसीडेंट एन के अग्रवाल का कहना है कि आने वाले दिनों में जैसे जैसे मौसम साफ होगा,धूप निकलेगी,सूखे सोयाबीन की आवक होगी। सोयाबीन की फसल लगभग पक चुकी है। अगले 15-20 दिन में राज्य में सोयाबीन की आवक जोरों पर होगी। कारोबारियों का कहना है कि सोयामील की निर्यात मांग कमजोर होने से सोयाबीन के भावों पर दबाव दिख सकता है। मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में सोयाबीन की फसल घटिया क्वॉलिटी की है क्योंकि यहां अगस्त में हुई भारी बारिश से फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। इंडियन इंस्टीटयूट फॉर सोयाबीन रिसर्च के मुताबिक भारी बारिश एवं कीट हमलों से मध्य प्रदेश में सोयाबीन 10-15 फीसदी फसल का नुकसान हुआ है। कई जगह सौ प्रतिशत नुकसान है लेकिन पूरे राज्य के औसत को ले लें तो यह 10-15 फीसदी का नुकसान है। 
मध्य प्रदेश में सोयाबीन की फसल को 15 फीसदी नुकसान होने की संभावना है लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान पश्चिमी इलाके जिनमें इंदौर, देवास, उज्जैन, धार, सिहोर, हरदा, शाजापुर, मंदसौर और नीमच में हुआ है। बता दें कि मध्य प्रदेश में देश में कुल पैदा होने वाली सोयाबीन में 50 फीसदी हिस्सेदारी होती है। राज्य में सोयाबीन की बोआई जून में पूरी हो गई थी एवं इसके बाद लंबे समय तक मौसम सूखा रहा एवं 20 अगस्त क तापमान सामान्य से अधिक रहा। अधिक तापमान एवं नमी की वजह से फसल पर कीट हमला हुआ। कुछ खेतों में पेस्टीसाइडस का छिड़काव भी किया गया लेकिन 15 जून से पहले जल्दी पकने वाली वैरायटी की बोआई होने से इसमें खासा नुकसान हुआ। 
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के मुताबिक खरीफ फसल वर्ष2020-21में सोयाबीन का उत्पादन 122.475 लाख टन होने का अनुमान है। खरीफ फसल वर्ष 2019-20 में यह उत्पादन 93.062 लाख टन था।सोपा के मुताबिक इस साल देश में सोयाबीन की बोआई 116.435 लाख हैक्टेयर में हुई जो पिछले साल 107.613 लाख हैक्टेयर में थी। वर्ष 2020 में प्रति हैक्टेयर सोयाबीन की यील्ड 1052 किलोग्राम रहने की संभावना है जो बीते वर्ष 865 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर थी।

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