जीएसटी काउंसिल की 19 सितम्बर को अहम बैठक

जीएसटी काउंसिल की 19 सितम्बर को अहम बैठक
दोपहिया, तिपहिया व चार पहिया वाहनों पर जीएसटी की दर में कटौती करने पर होगा फैसला
रमाकांत चौधरी 
नई दिल्ली । नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की 19 सितम्बर 2020 को अहम बैठक होगी।जिसमें जीएसटी की भरपाई को लेकर विस्तार पूर्वक चर्चा होगी।जिसके तहत एक तरफ सिगरेट,पान मसाला,और एयरेटेड ड्रिंक्स पर सेस की मियाद चार वर्ष और बढाने को लेकर फैसला किया जाएगा।वहीं दूसरी तरफ लक्जरी गुड्स यानी महंगी कारों जैसे आइटम पर सेस बढाने को लेकर फैसला किया जाएगा।बहरहाल जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया वाहनों पर जीएसटी की दर में कटौती करने पर भी अहम फैसला किया जाएगा।जिसको लेकर भारतीय व्यारपार-उद्योग जगत की जीएसटी काउंसिल की बैठक पर तिरछी नजर टिका रखी है और उसके अहम फैसले को सुनने को लेकर अभी से विशेष उत्सुकता लगी हुई है।  
दरअसल केद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से जीएसटी क्षतिपूर्ति की मुआवजा को लेकर यह प्रस्ताव जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में अवश्य रखेगा।हालांकि इसकी भरपाई की रकम चुकाने के लिए इस प्रस्ताव पर अधिकतर राज्य सहमत हो गए ह लेकिन जिन चुनिंदा राज्यों में असहमति है जिसे भी सहमति बनाने का भरसक प्रयास किया जाएगा।यद्यपि अभी तक 29 वस्तुओं पर जीएसटी के ऊपर सेस चुकाना पड़ता है।इस समय जीएसटी रेट स्ट्रेक्चर के तहत चुनिंदा अहितकर गुड्स जैसे कि सिगरेट,पान मसाला और एयरेटेड ड्रिंक्स शामिल है जिस पर सेस लगता है।जिसकी अवधि 2022 से बढाकर 2026 तक करने पर फैसला किया जाएगा।वहीं लक्जरी गुड्स पर भी सेस लगाया जाता है।जिस पर सेस बढाने पर विचार किया जाएगा।बरहाल  केद्रीय मंत्री प्रकाश जावेडर ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि वाहनों पर लगने वाले जीएसटी दरों में कटौती हो सकती है।उन्होंने उम्मीद जताई थी कि शीध्र ही ऑटोमाबाईल उद्योग के लिए अच्छी खबर आ सकती है।उन्होंने कहा था कि ऑटो स्क्रैपेज पॉलिसी तैयार हो चुकी है।जिसको लेकर सभी हितधारकों ने इनपुट उपलब्ध कराया है।जिसको लेकर बहुत जल्दी ही इसका ऐलान कर दिया जाएगा।ऐसे में व्हीकल्स सेगमेंट पर जीएसटी कटौती की संभावनाओं को लेकर इस प्रस्ताव पर केद्रीय वित्त मंत्रालय विचार कर रहा है।उन्होंने कहा कि दोपहिया,तिपहिया,पब्लिक ट्रांसपोर्ट सर्विसेज और चार पहिया वाहनों के लिए जीएसटी में कटौती होने की संभावना है।यद्यपि उन्होंने कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ऑटोमोबाइल उद्योग बेहद महत्वपूर्ण है।ऐसे में हम इस उद्योग को प्रोत्साहन और प्रतिस्पर्धा के जरिए समर्थन की कोशिश कर रहे हø।जिसके तहत ऑटोमाबाईल के निर्यात पर विशेष ध्यान केद्रित कर रहे हø।वहीं केद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने ऑटोमोबाइल उद्यमियों को कहा था कि जीएसटी द्वारा वाहनों की जीएसटी दरों की समीक्षा करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।इस समय दोपहिया वाहनो ं28 प्रतिशत जीएसटी आरोपित है।        

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