दालों में भारी तेजी के बाद फिर मंदी

हमारे संवाददाता 
इंदौर । आयातित दलहन-दालो के भारी स्टॉक  बाद भी दालो में राहत नही हुई है  । विगत् माह से तुवॉर और दाल के साथ ही अन्य दलहन-दालो में भाव भारी तेज हुऐ । दीवाली बाद मे ं सटटे् के उंचे व्यवसाईयो ने  तुवॉर और दालो पर भारी भाव मार दिये । इससे छाटे किराना व्यापार जगत को भारी नुक्सान हुआ । छोटे व्यापारियों के अनुसार दीवाली पूर्व  सभी ने दाले 120-130 रू के भावो पर भर ली थी । गत् हप्ते गत् सोमवार- मंगलवार का भाव र्तोड दिया  और थोक में तुवॉर दाल 94 रू पर नीचे में आ गई जिससे उन्हे भार नुक्सान उठाना पडा है ।  हांलाकि  खेरची कारोबारी उपभोक्ताओं को मुनाफे में ही बेचता है अर्थात उसने 120 रू किलो की भरी दाल को  135-140 रू पर ही बेचा होगा ? बहरहाल  दीवाली पूर्व में भारी तेजी होने के बाद गत् हप्ते दलहन-दालो पर कुछ मंदी रही । हांलाकि मंगलवार-बुधवार को हुए मुहुर्त सौदे सभी दलहन-दालो पर उंचे भावो पर हुंऐ है । व्यापारिक क्षैत्रो से मिली खबरो के अनुसार जिन भावो पर मुहुर्त z सौदे रहे है उससे  प्रतीत होजता है कि आगे दलहन -दालो का भविष्य मजबूत ही है । मुहुर्त सौदो मे ं मुंगदाल मीडियम 8301 रू , तवॉरदाल 9301 रू  रही ।  दलहनों में  चना 5151 रू , मसूर 5251 रू , उडद 7601 रू मुंग बेस्ट में 7501-7801 रू तक और तुवॉर महाराष्टा 6551 रू तथा निमाडी का भाव 5501 से 6101 रू तक हुऐ बताया गया है ।  
 इन भावो पर उपभोक्ता का आंकलन हे कि  उन्हे खेरची में 35-40 प्रतिशत तक के उंचे भाव पर ही माल मिल पाऐगा । आगे धारणा मंदी की अधिक नही थी ।  आम धारणा है  कि  कई प्रतिशत उछली महंगाई  में तुच्छ राहत  आ सकती है मगर कोविड लॉकडाउन और अनलॉकडाउन के अनुपात को व्यापार जगत केश कर रहा बताया जा रहा है । बढी हुई महंगाई से कई उद्योग पतियो-व्यापारीयो को अगले कई माहो  तक की राहत मिल चुकी है  तथा मिलती रहेगी ।

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