महामारी के खिलाफ जंग में किसान राष्ट्रधर्म निभाएं

कोरोना महामारी ने दूसरा हमला शुरू किया है- दिल्ली और गुजरात में केस बढ़ रहा है। पुन: लॉकडाउन और कर्फ्यू-घरबंदी हो रही है। युद्ध के वातावरण में देशभर में एकता होनी चाहिए, उसके बदले आंतरिक लड़ाई हो रही है! कठिन परिस्थिति में देश के किसान सबसे अधिक योगदान देते हø और इस लिए जय जवान-जय किसान का मंत्र हमने अपनाया है। लेकिन इस समय किसानों का एक वर्ग राजनेताओं और बड़े जमीनदार-किसानों के हाथ खेल रहा है। 26 नवंबर को संसद भवन के सामने प्रदर्शन करने वाले हø और यदि दिल्ली-दरवाजा बंद होता है तो आसपास के मार्ग़ों को जाम करने की धमकी दी है। कृषि सुधार का विरोध बंद कर राष्ट्रीय एकता से महामारी का सामना करने का यह समय है। किसान अब राष्ट्रधर्म निभाएं, ऐसी आशा रखते हø।
उल्लेखनीय है कि व्यापारी वर्ग स्वदेशी भावना से 
सक्रिय हø।
राजनीतिक नेताओं को भी सत्ताकारण के अलावा मतलब नहीं ! बिहार विधानसभा के चुनाव में भाजप-एनडीए की विजय के बाद संघर्ष की हवा जमाने का प्रयास हो रहा है। बंगाल में हिंसाखोरी शुरू हो गई है।
महामारी के प्रथम राउंड के बाद लॉकडाउन समाप्त करने की शुरुआत हुई और त्योहार-दिवाली आने तक उत्सव के उत्साह में लोग भान भूल गए। समूह में सामाजिक अंतर और मास्क भूले जिससे दूसरा राउंड 
फरवरी के बदले जल्दी शुरू हुआ। मुंबई में लोकल ट्रेन व्यवहार नियंत्रित होने के बावजूद भीड़-भाड़ शुरू हो गई है। अर्थव्यवस्था के लिए दैनिक वाहन व्यवहार आवश्यक है- लेकिन मुंबई में जो पहले सावधानी रखी गई है वह अब जारी रखी जाएगी तो ही दूसरे राउन्ड को रोका जा सकता है। दिल्ली के अनुभव से देशभर में सावधानी रखना जरूरी है। विश्वभर में- अमेरिका-यूरोप में महामारी की मार भयानक है, इसके बावजूद लोग लॉकडाउन का विरोध कर रहे हø, यह आश्चर्य है। जबकि गुजरात में व्यापारी स्वैच्छिक लॉकडाउन कर शासन को सहयोग दे रहे हø, इसे ध्यान में लेना चाहिए।
कोरोना के खिलाफ वैक्सीन की शोध और प्रयोग में तेजी आई है और वर्ष के अंत तक इसके लाभ शुरुआत होने की धारणा है। भारत सरकार ने इसके लिए तैयारी की है लेकिन समस्त जनता को समाहित करने में महीनों लगेगा। इस परिस्थिति में वैक्सीन-टीका के नाम पर शेरबाजार भले खुशी व्यक्त करे, लोगों को अभी और कुछ महीने इंतजार करना है- मात्र वैक्सीन के समाचार से कोरोना काबू में आ जाएगा, मुक्ति मिल जाएगी, ऐसा मान लेने की भूल नहीं करें... जनता के सहयोग बगैर कोई सरकार सफल नहीं हो सकती।

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