खाद्यतेलों की सभी किस्मों में भारी तेजी

खाद्यतेलों की सभी किस्मों में भारी तेजी
सोया और पामतेल भाव सर्वकालीन उच्च स्तर पर
हमारे संवाददाता 
उपभोक्ता समाज त्योहारों को बनाने में लगा रहा और खाद्य क्षैत्र की सभी लंबे भंडारन वाली खाद्य वस्तुओ की बेलगाम तेजी हो गई । संसारभर में पाम तेल का सटटा् अन्य तेलो के भावो पर प्रभावित होता जा रहा है । विगत् 15 दिनो में  सोया पाम तेल पर कोई 40 रू की तेजी हाजिर बाजार में हो गई । व्यापारिक क्षैत्रो से मिलरी खबरो के अनुसार गत् हप्ते बुधवार को दीवाली बाद के महुर्त सौदे भी उंचे तेजी के भाव पर तेल-तिलहनो पर हुऐ । सोयाबीन का महुर्त भाव इंदौर की थोक मंडियो में 7700 रू क थआसपास होना बताया गया है । सोया पाम तेल गत् हप्ते बुधवार को तेजी मे 10-12 रू की तेजी दे गया । इंदौर में सोया और पाम तेल हाजिर भाव 1055 रू  समान  हो गया । उपभोक्ताओ की वॉकपटुता कह रही है भारतीय देशी उच्चकोटी के उत्पादनो मे विदेशी खाद्य  उत्पादनो को आपुर्ति बेस के नाम पर पॉट दिया गया 
है । उनके अनुसार पाम तेल का वैश्विक रूप से बढती  मांग है या नही मगर भारतीय सटटा् व्यापार पाम तेल के बेस पर सर्वोपरी तेजी से बढता जा रहा है । हाजिर खेरची भाव सोया तेल का और भावो में हो रही तेजी को  व्यापार जगत ने पाम तेल को पॉट दिया है । गत् हप्ते  मंडी में त्योंहारी और लग्नसरा मांग तथा देशी बाजार  वायदा बाजार तेजी के  मिलेजुले रूख से  स्थानीय बाजार में भी तेजी हुई  । व्यापारिक क्षैत्रो से मिली खबर के अनुसार लॉकडाउन से हुए कमजोर व्यापार से अनलॉकडाउन के बाद व्यापार जगत त्योंहारी  लाभ कमाई की ओर अग्रसर बताया जा रहा है । सोयाबीन रिफाइंड थोक में 1055-60 , मुंगफली तेल 1380, सरसों तेल 1100 रू कपास्या तेल 1040 रू का भाव था ।  उधर वैश्विक वायदा बाजारो में मलेशियन केएलसीई और शिकगो सोया तेल वायदा बाजार का पिछले तीन माह का आंकलन देखे तो इंडेक्स कोई अधिक तेजी नही बना पाया थसा । हांलाकि शुक्वार को मलेशिया बुर्सा तेजी में लगभग 13 पाइंट उंचा खकर 1598 पाइंट पर था ।  गत् अगस्त से अक्टोबर तक की केएलसीई इंडेक्स 1600 पाइंट से गत् हप्ते गुरूवार तक गिरते हुए 1485 पाइंट नीचे तक आ चुका था  ।  उस पीरियड में हमारे यहां हाजिर तेल भाव  900 रू के आसपास अधिकांश श्रेणी तेल के  थे ।  वर्तमान में मलेशियन बुर्सा  इंडेक्स को देखें ता  भारतीय हाजिर बाजार पाम तेल का भाव भी सर्वोच्च रूप् से उंचा हासे गया है । तो क्या आयातित  स्टॉक  पर भारी मुनाफा वसूली का रूप है ?  बहरहाल तेल के साथ ही तिलहनो पर भी तेजी थी । सोयाबीन 4500 से 4800 रू क भा और सरसो का भाव 5500 रू तक होना बताया जा रहा था । उत्पादक देशो ने इसके निर्यात में निर्यात कर घटाकर भी निकासी कर मांग से इंडेक्स को तेजी देने की कोशिश की मगर वैश्विक मांग का दबाव उठ नही पाया । भारत में खाद्य तेलो पर लगातार तेजी का कारण छोटा व्यापारिक क्ष्गत्र मात्र भारतीय उत्पादकों की मानसिक तेजी का करना बताया जा रहा है । मिली जानकारी के अनुसार गत् मई में सोयाबीन की क्रशिंग लगभग 6.5 -7 लॉखटन पर भारत मे ंसोया तेल का भाव 800 रू तक उंचे मे ंगया था । वर्तमान में सोयाबीन का आवक का सीजन और लगभग 8  लॉख टन तक क्रशिंग का होना बताया जा रहा है इस पर सोया तेल घरेलू स्तर पर भाव का 1050 रू तक थोक में छूना एक आकार्य लगता है । क्या त्योहार की मांग इतनी उंचाई की है कि भाव हाजिर खेरची मे ं1030 रू के स्तर को छूऐ ? प्रश्न गहन-गंभीर है । आपूर्ति पूरे बाजारभर में सुगम बताई जा रही है । आम तौर पर पूर्व के वर्षो में दीवाली तक नऐ उत्पादन की आवके बढने पर खाद्य तेलो के भाव मंदी मे  आ जाया करते थे । अब उल्टे दौर चलने लगे है । अधिक उत्पादन अधिक महंगाई का कारण बनता जा रहा है । व्यापार जगत के हवाले से  तिलहनो पर भाव नीचे नही आने दिया जा रहा है । इंदौर की थोक मंडी में सोयाबीन की उंचे भाव पर आंवके बढती जा रही है । जो कि लगभग  आवक 4000 बोरी तक की  हाने से मजबूत स्थिति में रहे । धारणा तेजी की ही बताई जा रही है  ।        गत् हप्ते देश में सकल खुदरा वस्तुओ पर महंगाईz दर बाजार आंकलन से बढती जा रही है । मंहगाई है कि बढती ही रही और जनता की आछथ्छाक स्थिति कोरोनाकाल से आय के साधनो मे कमी आती जा रही बताया जा रहा है । कीचन मसाले, ड्राय फ्रूट्स,प्रोसेस्ड खाद्य तेल और खलियां, निर्यात-निर्यात और निर्यात से देश में ही आपूर्ति को कठिन बनाया गया और वस्तुओं के भाव कई भारी प्रतिशत बढे । इनमें सबसे अधिक निर्यात प्रतिशत कीचन सामेगियो का हुआ है जिस पर अधिक भाव बढ गये है ।   
इंदौर की संयोगितागंज मंडी एवं कृषक मंडियो मे सोयाबीन की बढती  आवकों 3000 से 3500 बोरी  के बीच गत् हप्ते इंदौर मुंगफली तेल 1380-1390 रू मुबंई मूंगफली तेल.1350  रू., के भाव रहे । 

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