सोयाबीन मील का निर्यात 61 फीसदी घटा

सोयाबीन मील का निर्यात 61 फीसदी घटा
मुंबई। भारत का सोयाबीन मील निर्यात मार्केटिंग वर्ष 2019-20 (अक्टूबर-सितंबर) के दौरान पिछले मार्केटिंग वर्ष की तुलना में 61 फीसदी घटा है। अक्टूबर 2019 से सितंबर 2020 के दौरान देश से सोयाबीन मील का कुल निर्यात 836800 टन हुआ। जबकि, अक्टूबर 2018 से सितंबर 2019 के दौरान यह निर्यात 2161870 टन था। 
कोरोना वायरस की वजह से दुनिया भर में हुए लॉकडाउन एवं भारतीय सोयबीन मील की लागत काफी ऊंची होने से इसका निर्यात मार्केटिंग वर्ष 2019-20 के दौरान बुरी तरह घटा। हालांकि, लॉकडाउन खुलने एवं सोयाबीन की कीमतें नीचे आने से भारतीय सोया मील का निर्यात जून महीने से लगातार सुधरा एवं सितंबर तक यह सकारात्मक रहा। सोयाबीन मील का निर्यात सितंबर 2020 में 88811 टन पहुंच गया जो सितंबर 2019 में 69926 टन था। इस तरह इसमें 27 फीसदी की बढ़ोतरी आई। यह निर्यात अगस्त 2020 में 82552 टन पहुंच गया जो अगस्त 2019 में 74780 टन था। यानी निर्यात में 10 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह निर्यात जुलाई 2020 में 90134 टन था जो जुलाई 2019 में 75473 टन था। यानी निर्यात में 19 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली। 
जून 2020 में यह निर्यात 78912 टन  पहुंच गया जो जून 2019 के निर्यात 70197 टन की तुलना में 12 फीसदी ज्यादा रहा। अक्टूबर 2019 में यह निर्यात 52 फीसदी घटकर  62316 टन (130250 टन), नवंबर 2019 में 75 फीसदी फिसलकर 79691 टन (324510 टन), दिसंबर 2019 में 78 फीसदी गिरकर 87254 टन (398871 टन), जनवरी 2020 में 83 फीसदी लुढ़ककर 317450 टन की तुलना में 53383 टन, फरवरी 2020 में यह निर्यात 68176 टन रहा जबकि फरवरी 2019 में यह निर्यात 200780 टन था। यानी इसमें 66 फीसदी की कमी आई। मार्च 2020 में यह निर्यात 83 फीसदी घटकर 327749 टन की तुलना में 57146 टन रहा। अप्रैल में निर्यात 33 फीसदी घटकर 35196 टन (52522 टन) और मई में सोया मील का निर्यात 55 फीसदी कम होकर 53229 टन (119362 टन) रहा। बता दें मार्केटिंग वर्ष 2018-19 में देश से कुल सोयाबीन मील निर्यात 2161870 टन रहा जो वर्ष 2017-18 में 1842978 टन था। 
सोपा का कहना है कि मार्केटिंग वर्ष 2020-21 में 104.55 लाख टन सोयाबीन का उत्पादन होगा जबकि कैरी ओवर स्टॉक 5.16 लाख टन था। जबकि, आयात तीन लाख टन होने का अनुमान है। इस तरह पिछले वर्ष सोयाबीन की कुल उपलब्धता 112.71 लाख टन रहेगी। वर्ष 2020-21 में पैदा हुई सोयाबीन में से किसान 12 लाख टन बोआई के लिए बीज के रुप में रखेंगे। जबकि, दो लाख टन सोयाबीन सितंबर में आई। इस तरह क्रशिंग के लिए 98.71 लाख टन सोयाबीन उपलब्ध होगी।

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