सूरत के कपड़ा उद्योग को वैवाहिक, रमजान और उगादी का सीजन खोने का भय

सूरत के कपड़ा उद्योग को वैवाहिक, रमजान और उगादी का सीजन खोने का भय
बाहरगांव के व्यापारियों की खरीदी ठप : 50 प्र. श. से अधिक व्यापार प्रभावित
सूरत का कपड़ा उद्योग पर कोरोना के कारण दोहरी मार पड़ी है। गत वर्ष पूरे वर्ष कोरोना के कारण व्यापार नहीं हुआ। चालू वर्ष में अभी तीन महीने व्यापार जमा तभी कोरोना की दूसरी लहर ने व्यापार की बाजी पलट दी। व्यापारियों ने आगामी एक महीने के दौरान आने वाले त्योहारों और विवाह-शादी का सम्पूर्ण सीजन विफल होने की दहशत दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 50 प्र. श. से अधिक के व्यापार को असर पहुंचने की संभावना है। 
लग्नसरा के सीजन के कारण हैवी रेंज के लहंगा, साड़ी, गाउन की मांग रहती है। इसके लिए बाहरगांव के व्यापारी बाहर गांव से आते हø। अन्य राज्यों से आने वाले व्यापारियों के लिए आटीपीसीआर अनिवार्य होने से बाहर गांव के व्यापारी खरीदी के लिए आने से बच रहे हø। इसके अलावा एक सप्ताह की कोरोन्टाइन की अवधि भी खरीदी को प्रभावित कर रही है।
कपड़े के व्यापारी रंगनाथ शारदा का कहना है कि आगामी महीने रमजान चालू होगा। यहां से व्यापारी रमजान पर लगभग एक करोड़ रु. का व्यापार करते हø।  कोरोना दूसरी लहर के कारण रमजान में व्यापार अपेक्षानुसार नहीं रहा। द. के बड़े उगादी त्योहार में भी सूरत के व्यापारी बड़ा व्यापार करते हø। इस व्यापार पर भी असर पहुंचेगा। 
लग्नसरा के सीजन में व्यापारी हैवी रेंज के लहंगा तैयार कराते हø, लेकिन इस बार अनेक व्यापारियों ने एडवांस में डिजाइन तैयार नहीं कराई। सामान्य परिस्थिति में धुलेटी के त्योहार के बाद कपड़ा मार्केट एक सप्ताह बाद बढ़ता है लेकिन इस वर्ष यह संभावना नहीं है। 
गत सप्ताह शनि, रवि को अचानक मार्केट बंद करने की घोषणा होने से अनुमानित 250 करोड़ रु. का पार्सल रुका था। चालू सप्ताह में होली की छुट्टी होने से शनि, रवि कBाz मार्केट बंद नहीं था। अब आगामी शनिवार को मार्केट बंद रहेगा कि नहीं उसके बारे में घोषणा एक दिन पहले की जाएगी। व्यापारी मार्केट बंद करने की अचानक घोषणा के कारण भी अनेक परेशानी का अनुभव कर रहे हø।

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