एम्ब्रायडरी उद्योग : मंदी के कारण कारखाने बंद

एम्ब्रायडरी उद्योग : मंदी के कारण कारखाने बंद
सितंबर कभी कपड़ा उद्यमियों व जॉब वर्क करने वालों के लिए जो एम्ब्रायडरी मशीनें टकसाल बन कर तिजोरियां भर रही थी, अब वे ही मशीनें बेरोजगारी व कारोबारी मंदी तथा नित्य बदलते फैशन के चलते उद्यमी भंगार में व ओने-पौने दामों में बेचने को मजबूर है, सूरत के वराछा पटेलनगर, कपोदरा, गड़ोदरा, सचिन, पांडेसरा, आंजना फॉर्म, भाठेना, अम्बिकानगर, पूणा विस्तार भटार चार रास्ता आदि विस्तारों में कभी एक लाख के करीब एम्ब्रायडरी मशीनें दिन-रात धमधमाती रहती थी, मशीनों का शोर समृद्धि का परिचायक होता था, जबकि अब इन्हीं मशीनों की खामोशी बेरोजगारी का पैगाम दे रही है, एम्ब्रायडरी मशीनों के तकनीकी इंजीनियर  लोकेश यादव ने बताया कि इस उद्योग से हजारों मजदूर व टेक्नीशियन नाता छोड़ डायमंड इंडस्ट्रीज, कन्ट्रेक्शन उद्योग तथा अपने छोटे-बड़े रोजगार से जुड़ गए है, बेरोजगारी के चलते बची खुची मशीनों पर कार्यरत मजदूर ऊहापोह की स्थिति में है कि आखिर करें तो क्या करें, मशीनों पर काम कर रहे मजदूरों जिनको वर्तमान में 10 हजार से 12 हजार तक कि तनख्वाह मिल रही है वे अब प्रति हेड की मशीनों के अनुसार पगार मांग रहे है, उन्होंने अनेकों मांगे रखी और आंदोलन छेड़ दिया, उनकी मांग है कि 15 हेड की मशीन ऑपरेट करने वाले कर्मचारी को 15 हजार रु. मासिक तनख्वाह तथा 17 हेड की मशीन के कर्मचारी को 15500 रु. व 36 हेड की मशीन ऑपरेट करने वाले कर्मचारी को 25 हजार रु. प्रति माह तनख्वाह मिलनी चाहिए, कर्मचारियों ने रविवार की छुट्टी तथा मशीनों को बंद रखने की स्थिति में कर्मचारी की तनख्वाह चालू रहनी चाहिए, इधर एम्ब्रायडरी कारखानों के प्रबन्धकों ने कर्मचारियों की इस मांग को गैरवाजिब बताया है और कहा है कि अगर हम इनकी गैर व्यवहारिक मांगे स्वीकारेंगे तो हमारे कारखानों को ताला लगाने की नौबत आ जायेगी, मजदूरों की मांगे नहीं स्वीकारे जाने की स्थिति में हालात विस्फोटक बन गए और पिछले दो रविवारों से स्थिति विकट बनी हुई है, गत रविवार को एम्ब्रॉयडरी कारखानों के कुछ श्रमिक सड़क पर उतर गए, उन्होंने आंजना फॉर्म व भाठेना विस्तार में तथा अम्बिका ब्रिज के निकट इन मजदूरों ने डय़ूटी पर जाते मजदूरों को रोक तथा कारखानों में अपना दायित्व संभाल रहे मजदूरों को बाहर निकाला व प्रदर्शन करने लगे, वैसे भी पुलिस के सरंक्षण में कारखाने खुले ही थे, ये आक्रोशित श्रमिक पुलिस से भिड़ गए, इन श्रमिको को काबू करने हेतु लाठी चार्ज किया गया, तीन राउंड हवा में गोली चलानी पड़ी तथा दो राउंड फायरिंग भी की गई, इनमे से कुछ श्रमिकों ने तो पुलिस का रिवॉल्वर तक छीनना चाहा, पुलिस की पीसीआर वैन के कांच तक तोड़ डाले, यह उल्लेखनीय है कि एम्ब्रायडरी कारखाना दारों ने पुलिस का स
संरक्षण मांगा था अपने कारखाने चालू रखने हेतु, पुलिस वहां सुबह 5-6 बजे ही पहुंच गई थी, कुछ श्रमिकों ने 10 बजे ही एम्ब्रायडरी कारखाने बन्द कराने शुरू कर दिए थे, डिंडोली व महाप्रभुनगर विस्तार में डय़ूटी पर जाते श्रमिकों को रोका गया, वहां के कारखानों में कुछ श्रमिक हाथ मे डंडे आदि लेकर मजदूर एकता जिंदाबाद के नारों के साथ कारखानों में घुस कर बंद कराने लग गए, आँजणा फॉर्म, भाठेना नारायण नगर में जो जो कारखाने चालू थे उन्हें इन श्रमिकों ने जबरदस्ती बंद करवा दिया, इधर सचिन जीआईडीसी तथा इंडस्ट्रियल एरिया की इकाइयों में नए नियम जो कि 1 अक्टूबर को लागू होंगे जिसमें मजदूर जितना काम करेगा उतना रोजगार मिलेगा तथा रविवार की छुट्टी नहीं रहेगी, अगर छुट्टी रखी तो पगार काट दिया जाएगा, सचिन में पुलिस के सरंक्षण की मांग की थी इस कारण 80 प्रतिशत कारखाने चालू हो गए, शेष भी शुरू हो जाएंगे। इधर आँजणा एम्ब्रायडरी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रवण जोशी ने बताया कि वे वकीलों से सलाह कर आगे कदम बढ़ाएंगे, इस सम्बंध में समाधान हेतु पुलिस कमिश्नर की उपस्थिति में बैठक आयोजित किये जाने के समाचार है।

© 2018 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer