उत्तर प्रदेश में शीघ्र होगा गन्ने का बकाया भुगतान

उत्तर प्रदेश में शीघ्र होगा गन्ने का बकाया भुगतान
चीनी मिलों पर बकाया है लगभग रु. 10 हजार करोड़ 
कैबिनेट से रु. 5535 करोड़ के प्रस्ताव की शीघ्र मिलेगी मंजूरी 
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली-उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री श्री सुरेश राणा ने कहा है कि आगामी पेराई मौसम के शुरु होने से पहले तक उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का पूरा भुगतान कर दिया जाएगा जो कि लगभग 10 हजार करोड़ रुपए है।उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई मौसम अक्टूबर से चालू हो जाएगा।
नेशनल फैडरेशन ऑफ शुगर फैक्टरीज की 59 वीं आमसभा की बैठक में हिस्सा लेने के बाद 10 सितम्बर 2018 को श्री राणा ने सरकारी व प्राइवेट चीनी मिलों पर बकाए के भुगतान के बारे में कहा कि इसको लेकर 5535 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया है।उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल से पारित कराने को लेकर इसे अगले सप्ताह रखा जाएगा।उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में अगले पेराई मोसम 20 अक्टूबर से पांच नवमब्र के बीच जोर पकड़ता है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ने का बकाया 10 हजार करोड़ रुपए से नीचे आ गया है।जिसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 अक्टूबर को मौसम शुरु होने से पहले इसे शून्य करने का लक्ष्य तय किया है।उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बजट में ही 5535 करोड़ रुपए का प्रावधान चीनी उद्योग को राहत देने के उद्देश्य से आवंटित कर रखा है।उन्होंने कहा कि सरकारी मिलों को लेकर 10210 करोड़ रुपए,राज्य चीनी निगम की मिलों को 25 करोड़ रुपए और निजी मिलों को 500 करोड़ रुपए गन्ना भुगतान को लेकर दिए जाने का प्रस्ताव है।निजी क्षेत्र को लेकर 4000 करोड़ रुपए का प्रावधान रियायती दर के ऋण से किया जाएगा ताकि चीनी मिलें गन्ने का भुगतान कर सकें।रियायती ऋण का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।इसके पहले आमसभा में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को पाई पाई के भुगतान को लेकर प्रतिबद्व है। उत्तर प्रदेश में कुल 38 प्रतिशत चीनी का उतपादन होता है।उत्तर प्रदेश में गन्ना और चीनी की उत्पादकता में साल दर साल वृद्वि हो रही है।

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