एलएमई ऑन-वारंट एल्यूमीनियम स्टॉक अगस्त, 2007 के निचले स्तर पर

एलएमई ऑन-वारंट एल्यूमीनियम स्टॉक अगस्त, 2007 के निचले स्तर पर
इब्राहिम पटेल 
जैसे के साथ तैसा की तरह बढ़ रही चीन अमेरिका के बीच व्यापार संघर्ष के साथ ही जुलाई में चीन से एल्यूमीनियम की निर्यात बढ़ने की खबर और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की आल्को एल्यूमिना रिफाइनरी में हड़ताल के रिपोर्ट से लंदन और शंघाई में 3 प्रतिशत से अधिक का भाव उछाल देखने मिला था। रूसी कंपनी रूसेल में ऑपरेशन (कारोबार) बंद करने की चेतावनी ने भी भाव को समर्थन दिया था। रिफाइंड एल्यूमीनियम जिसमें से बनता है वह एल्यूमिना की कुल वैश्विक आपूर्ति में आल्को 8 प्रतिशत यानि की 93 लाख टन की उत्पादन क्षमता रखता है।
मंदड़ियां फंडों की बिकवाली रुकने से एल्यूमीनियम नीचे से वापिस फिरा है। एलएमई के पंजीकृत गोदामों में उपलब्ध ऑन-वारंट एल्यूमीनियम स्टॉक, अगस्त 2007 के बाद के नए नीचले स्तर 8,33,075 टन पर पहुंच गया है। एलएमई के सभी गोदामों में सूचीबद्ध स्टॉक में से डिलीवरी होने वाला है, ऐसे लाइव वारंट का रद्दीकरण (कैंसलेशन) 28.5 प्रतिशत जितना बढ़ गया है। 23 जुलाई से एल्यूमीनियम हाजिर (नकद) और लंबी डिलीवरी वायदा में उल्टा बदला (बैकवर्डेशन) घटने लगने से वारंट कैंसलेशन की संख्या बढ़कर 1,36,875 टन हो गई है। इस साल शंघाई एक्सचेंज में भी एल्यूमीनियम स्टॉक अपनी सर्वोच्च ऊंचाई से 8 प्रतिशत घटकर 9,05,924 रहा है, हालांकि अभी भी यह 2017 की तुलना में 20 प्रतिशत जितना अधिक है।
एलएमई अपने गोदामों के नियमों को मजबूत करेगी, ऐसी रिपोर्ट आने से गुरुवार को एशियाई धातु बाजार में शुरुआत से ही एल्यूमीनियम के भाव ऊपर जाने लगे थे। शंघाई कमोडिटी एक्सचेंज पर अक्टूबर वायदा प्रति टन 14885 युआन की ऊंचाई पर पहुंचकर 14875 युआन (2179.65 डॉलर) रहा था, जो 13 जून के बाद की नई ऊंचाई थी। 
लएमई त्रैमासिक वायदा 29 जून के बाद की नई ऊंचाई 2146.5 डॉलर इंट्राडे में हासिल की थी। अमेरिका रसोल पर से आयात प्रतिबंध उठा लेगा एसी अफवाह के बिच 19 जुलाई को भाव 2000.85 डालर, 15 सप्ताह के तल पर पहुंचा था। 
दुनिया का सबसे बड़ा इस्पात और एल्यूमीनियम उत्पादक चीन पर 23 मार्च से अमेरिका ने क्रमश: 25 और 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है। ढीला युआन और आर्बिट्रेज (विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्यों के बीच अंतर) का लाभ उठाकर चीन ने अपने लगातार कमजोर हो रही मुद्रा युआन पर सवारी करके इसके इतिहास की दुसरे नंबर के सबसे अधिक एल्यूमीनियम निर्यात जुलाई में दर्ज की थी। ऐसा करके, उन्होंने (चीन ने) अमेरिका द्वारा लगाए गए आयात शुल्क का मानसिक और आर्थिक बोझ हल्का करने की कोशिश की है।
अप्रैल और जुलाई के दौरान चीनी युआन रिकॉर्ड 4 प्रतिशत कमजोर हुआ था। नतीजतन, अमेरिका द्वारा लगाए गए 34 अरब डॉलर की चीनी आयात पर 25 प्रतिशत का शुल्क बोझ कुछ हद तक हल्का हो गया था। बेशक, विश्लेषकों का मानना है कि चीन की अमेरिका के साथ गैर-प्रोत्साहक व्यापार तुलना आनेवाले दिनों में टैरिफ वॉर गंभीर बनने की संभावना है। साल की शुरुआत में, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की अच्छी शुरुआत के बाद, सरकार ने ऋण जोखिम को कम करने के लिए साल भर के लंबे प्रयासों में नाकाम होने से, दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था कमजोर होने लगी थी।
चीन से कच्चे एल्यूमीनियम और फिनिश्ड प्रोडक्ट की जुलाई निर्यात 5.19 लाख टन हुई थी, जो जून की 5.10 लाख टन की तुलना में 1.8 प्रतिशत अधिक थी, ऐसा जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स की वेबसाइट पर दिखलाया गया था। जुलाई 2017 में यह निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 4.40 लाख टन हुई थी। एलएमई ने अपने विश्वव्यापी वेयरहाउसिंग सोल्यूशंस (डब्ल्यूडब्ल्यूएस) तहत की वेयरहाउसिंग कंपनियों का डि-लिस्टिंग करने के बाद अपने गोदाम नेटवर्क का पुनर्मूल्यांकन करके थर्ड पार्टी स्टॉक होल्डर के सर्वांगी विनियमन-कानून को कड़ा करने की कार्रवाई शुरू की है। (यह आर्टिकल पखवाड़े जितने अल्पावधि का मार्गदर्शन करता है।

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