तेल-गैस उत्पादन बढ़ाने हेतु कंपनियों को मिलेंगे प्रोत्साहन

तेल-गैस उत्पादन बढ़ाने हेतु कंपनियों को मिलेंगे प्रोत्साहन
हमारे संवाददाता 
नई दिल्ली । तेल और गैस की पुरानी फील्ड्स से रिकवरी बढाने और शेल,हाइड्रेट और हेवी ऑयल जैसे नए सोर्सेस से उत्पादन को बढावा देने को लेकर कैबिनेट ने कम सेस और रॉयल्टी जैसे फिस्कल इंसेंटिव्स को स्वीकृति दी है।इससे अगले 20 वर्ष़ों में तेज का उत्पादन 12 करोड़ टन और गा का उत्पादन 5.2 करोड़ क्यूबिक मीटर बढ सकता है।
इस बाबत एक सरकारी बयान में कहा गया है कि बिना प्रतिस्पर्धा के सरकारी कंपनियों को दी गई फील्ड्स के साथ ही नीलामी के बाद प्राइवेट कंपनियों को मिली फील्ड्स को भी फायदा होगा।जिसके तहत रिकवरी बढाने और गैर परंपरागत हाइड्रोकार्बन (शेल,हाइड्रेट और हेवी ऑयल) के एक्सप्लोरेशन और उत्पादन में काफी खर्च होता है और इसको लेकर टेक्नोलॉजी भी जटिल है।जिसको लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर,लॉजिस्टिक्स से संबंधित मदद और फिस्कल इंसेंटिव्य की जरुरत है।नई नीति के तहत प्रत्येक फील्ड का रिकवरी बढाने,जरुरी टेक्नोलॉजी और इसे फायदेमंद बनाने के उद्देश्य से फिस्कल इंसेटिव्स को  लेकर आकलन किया जाएगा।जिसको लेकर केद्रंय पेट्रोलियम मंत्रालय,डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हाइड्रोकार्बन्स के अधिकारियों के साथ ही एक्सपर्ट का एक पैनल पॉलिसी की निगरानी और इसे लागू करेगा।
इसमें रिकवरी बढाने को लेकर उत्पादन शुरु होने की तिथि से 10 उवर्ष को लेकर फिस्कल इंसेटिव दिए जाएंगे।यह गैर परंपरागत हाइड्रोकार्बन प्रोजेक्ट्स को लेकर भी होंगे।यद्यपि फिस्कल इंसेंटिव बढे हुए उत्पादन पर लागू सेस, रॉयल्अी में कुछ छूट के रुप में होंगे।
जिसको लेकर केद्र सरकार को उम्मीद है कि इस पॉसिसी से मौजूदा फील्ड्स में उत्पादन को बढाने को लेकर नई और इनोवेटिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढेगा।

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