टेक्सटाइल की मांग मार्च ''19 तक रहेगी जोरदार

टेक्सटाइल की मांग मार्च ''19 तक रहेगी जोरदार
निर्यात के लिए भी संयोग उज्ज्वल : इंडिया रेटिंग्स
 
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। इस वर्ष के मार्च '19 तक काटन और सिंथेटिक टेक्सटाइल्स के संयोग अच्छे रहेंगे, ऐसी इंडिया रेटिंग एंड रिसर्च (इंड-रा) ने उम्मीद व्यक्त की है।
इस वर्ष के मार्च '19 तक टेक्सटाइल्स की स्थानीय मांग उपभोक्ता की जोरदार रहने की संभावना है। निजी खपत खर्च मजबूत रूप से बढ़ने की संभावना है यूएस डालर की तुलना में भारतीय रुपये की कमजोरी के कारण एपरल और टेक्सटाइल निर्यातकों को फायदा होगा।
इंड-रा का मानना है कि इस क्षेत्र की क्रेडिट प्रोफाइल धीमे से सुधरेगी। क्षेत्र की मुनाफा क्षमता भी सुधरती जायेगी। उत्पादक बढ़ी कच्ची सामग्री का खर्च अंतिम उपभोक्ता पर डाल सकेंगे। इसके अलावा तंदुरुस्त मांग, घटते रुपया और स्ट्रक्चरर मामलों के वार्निंग असर से फायदा होगा। इसके बावजूद दूसरी ओर देखें तो लागत बढ़ने से कार्यकारी पूंजी की जरूरत बढ़ेगी। इससे कर्ज पर आधार रखना होगा।
कम बोआई से 2017-18 और 2018-2019 की फसल धारणा से कम है। स्थानीय मांग मजबूत रहने और चीन की निर्यात मांग अधिक रहने से स्थानीय स्टाक और घटने की संभावना है। इसके अलावा 2018-2019 के काटन सीजन के लिए सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। इससे रुई का भाव और सुधरेगा। हालांकि पोलिएस्टर स्टेपल फाइबर के भाव सुधार की तुलना में काटन का सुधार कम रहेगा। इससे सिंथेटिक वैल्यू चैन की मुनाफा क्षमता सुधरेगी। इसके अलावा भारत सरकार ने कपड़े के भाव के 7.0% के समकक्ष मैनमेड कपड़े पर इन्पुट क्रेडिट देने की छूट दी है। इससे एपरल उत्पादकों की इन्पुट कीमत घटेगी और उनके कामकाज की मात्रा उतनी बढ़ेगी।

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