चने की तेजी से बेसन भी तेज, गोला-नारियल का भाव घटा

हमारे संवाददाता
थोक मंडी सियागंज में ग्राहकी का अभाव देखा गया है । गत् हप्ते अधिकांश मसालों के भाव तेज थे । हल्दी में स्टाकिस्टों की मांग नहीं रहने से मंदी रही । भाव हल्दी कांडी निजामाबाद 110 और सांगली का भाव 135-140 रु. तक बताया जा हरा था । शक्कर में सरकार का उद्योगों को पैकेज व्यवस्था देने से 30 रु. तक की तेजी गत् हप्ते भी थोक में रही । चने की भी तेजी रहने का असर बेसन पर आया है । बेसन भाव 3200 रु. तक होना बताया गया है । मांग में कमी आने से गोला भाव 185 रु. और नारियल में मांग अभाव से 250 भरती नारियल का भाव 2000 रु. तक था इस वर्ष जीरे का अधिक उत्पादन रहा है । स्टाकिस्टें की दिलचस्पी के कारण भाव नीचे नहीं आ रहें बताए जा रहे है उल्टे तेजी लिये रहे है । जीरा राजस्थान 200 से 205 रु. और ऊंझा मध्यम का भाव 225 से 230 रु. प्रति किलो तक था । जीरे का भाव माल में 330 रु. किलो था । अर्थात 40 प्रतिशत तेज भाव कालीमिर्च का थोक मंडी भाव 450 रु. बेस्ट में है जबकि माल में यह 1100 रु. किलो तक होना बताई जा रही थी अर्थात पूरे 105 प्रतिशत भाव ऊंचे रवा मैदा पेक में 33 रु. किलो जबकि खुले बाजार में पैक में यह 22-25 रु. किलो था । व्यापारियों से मिली जानकारी  वर्तमान त्योहारो की मांग पूरी होने के बाद ग्राहकी मांग में कमी आई है । अधिक भावों पर खपत कम हुई है इससे स्टॉक भी बढ़ गया बताते है । स्टॉक प्रवत्ति और कालाबाजारी कर मुनाफा वसूली इन सिंडिकेट की आम बात हो गई है । इनके मायाजाल के कारण जनता को महंगाई को भुगतना पड़ता है । महंगाई  घटने या बढ़ने के कारणों में अमेरिकन मौसम, देश में या विदेश में अधिक उत्पादन, अधिक बढ़ता स्टॉक या कम उत्पादन घटता स्टॉक और स्थानीय मे भी अधिक स्टॉक या कम स्टॉक तथा बाजार की मांग का ज्यादा- कम होना बताया है । आगे दिवाली की ग्राहकी का इंतजार बताया जा रहा है ।  देश में इस वर्ष मिर्ची का भारी उत्पादन हुआ है।  बुरा में भी मांग नहीं होने भाव  3250 से लेकर 3150 रु. और व्हील बांड का भाव 3200 रु.  तक मंदी में होना बताया गया है । साबुदाना उपरी भाव पर बाजार की मांग में आई कमी से मंदा हाना बताया गया है। गत् हप्ते भाव 4200 से 4500 रु. तक किस्मानुसार ।  साबुदाना पैक में विन्नि कंपनियों का 6000 रु. तक होना बताया गया है 

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