टेक्सटाइल मिलों का सरकार से स्वच्छ काटन के लिए मध्यस्थता करने का अनुरोध

टेक्सटाइल मिलों का सरकार से स्वच्छ काटन के लिए मध्यस्थता करने का अनुरोध
कोयम्बतुर। दक्षिण की टेक्सटाइल मिलों की शीर्ष संस्था ने केद्रीय टेक्सटाइल मंत्री से साफ काटन और भारतीय सूती टेक्सटाइल्स उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए मध्यस्थता करने का अनुरोध किया है।
एसोसिएशन के चेयरमैन पी. नटराज ने अपनी अपील में कहा कि घटिया जीनिंग प्रथा ने भारतीय रुई किस्मों को विश्व की 10 अति दूषित रुई बना दिया है।
यह इंटरनेशल टेक्सटाइल मैन्युफेक्चरर्स फेडरेशन द्वारा किए गए वार्षिक काटन कंटेमिनेशन सर्वे के अनुरूप है।
उन्होंने आगे कहा कि कुछ जीनरों द्वारा रुई में काटन वेस्ट मिलाने के साथ वजन बढ़ाने के लिए पानी को भी मिलाया जाता है जिसके कारण मिल क्षेत्र एवं किसानों को सहन करना पड़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि रुई सीजन की शुरुआत में वेस्ट काटन के मूल्य में वृद्धि दिखायी देती है क्योंकि जीनर्स मिलावट के लिए वेस्ट काटन की खरीदी करते है।
सिमा के प्रमुख ने अपनी अपील में टेक्सटाइल कमिश्नर, अन्य अधिकारियों तथा सीसीआई को समय-समय पर जीनिंग फैक्टरियों की जांच-पड़ताल करने का अधिकार देने का सुझाव दिया।

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