सोने की बजाय सुरक्षित निवेश के रूप में निवेशकों की पहली पसंद डालर

सोने की बजाय सुरक्षित निवेश के रूप में निवेशकों की पहली पसंद डालर
हमारे संवाददाता
मुंबई। कुछ निवेशक अब सोने की प्रतिष्ठा कम आंकने लगे है, यह चमकिली धातु लंबे समय तक निवेशकों की प्रथम प्रिय पसंदगी थी, लेकिन अब उसमें से बड़ा मुनाफा मिलने में संभावना कम हो गई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व व्याज दरों में अधिक वृद्धि करेगा और चीन के साथ के ट्रेड वॉर, डालर को अधिक मजबूती प्रदान करेगा, ऐसी संभावना को देखते हुए अल्पावधि में सोने का आंतरप्रवाह मंदी की तरफ रहने की अवधारणाएं है। पिछले सप्ताह ही अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों में वृद्धि करने के साथ 2019 तक चार बार और 2020 में अधिक वृद्धि करने की योजना जाहिर की। अप्रैल ऊंचाई 1365 डालर से अब तक सोना 13 प्रतिशत और अगस्त 2011 की 1929 डालर की ऊंचाई से 36 प्रतिशत घटा है। निवेशकों के लिए अब सोने की बजाय सुरक्षित निवेश के रूप में डालर पहली पसंद है। 
सोना पिछले छह महीनों से घट रहा है, जनवरी 1997 के बाद यह सबसे लंबी मासिक मंदी है। ट्रेड वॉर, डालर की लगातार तरफेण करेगा और यह चरणबद्ध सोने को नीचे जाने के लिए दबाव बनाएगा। मंदी वाले बड़े सटोरियों जिसने मंदी के बड़े ओलिए इकठ्ठे किए है, वह किस भाव पर बिक्री काटकर मुनाफा हासिल करने की चाल चलेंगे या वह कब कमजोर होंगे इसकी गिनती पर यदि कड़ी नजर रखकर सौदे बिठाए जाए तो ही निवेशक कुछ मुनाफा हासिल करने के लिए हकदार बनेंगे। चीन कहता है कि मार्केट फोर्स की वजह से डालर के सामने युआन मार्च से कमजोर हो रहा है, उसका (चीन का) कहने का मतलब यह होता है कि, यदि डॉलर के सामने मौजूदा युआन 6.9 से बढ़कर 7 युआन होगा तो वह भी करेंसी बाजार के कुदरती फोर्स की वजह से ही होगा। 
हालांकि, यहां कहने का मतलब यह है कि चीन अपनी करेंसी का 10 से 15 प्रतिशत अधिक डि-वेल्यूएशन होने देना चाहता है, नतीजतन सोने के भाव 1045 डालर या उससे अधिक तक नीचे जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की `अमेरिका फर्स्ट' रणनीति, लंबी अवधि में वैश्विक बाजार और फॉरेन करेंसी रिजर्व का डि-डॉलराइजेशन करने की प्रक्रिया में प्रमुख साधन साबित होगा, ऐसा जेपी मोर्गन के स्ट्रेटेजिस्ट मान रहे हैं। उनका कहना है कि बाजार ज्यादा ओवरसोल्ड है, अगले कोई भी नीचे भाव से सोना बाटम आउट होने की संभावना भी इतनी ही है। फेड अधिकारी अब ऐसा मानते हैं कि इस साल अर्थव्यवस्था 3.1 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगा, मार्च में 2.8 प्रतिशत का पूर्वानुमान किया गया था। हालांकि उनके अमेरिकी मुद्रास्फीति पूर्वानुमान में कोई बदलाव नहीं किया गया था। 
कमजोर यूरो ने करेंसी बास्केट के डालर इंडेक्स को दो सप्ताह की ऊंचाई पर जाने के लिए मदद की थी। खड्डे (घाटे) में गए इटालियन बजट की चिंताओं ने सिंगल करेंसी यूरो को कमजोर करने की भूमिका की थी। यूरोपीय संघ में से अलग हुए (ब्रेक्ज़िट) ब्रिटेन में अब निश्चित रूप से व्यापार के लिए सकारात्मक माहौल सर्जित हुआ है, ऐसा पिछले सप्ताह कन्ज़र्वेटिव नेता और यूके के प्रधान मंत्री थेरेसा ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी फाइनेंसियर्स संमेलन में कहा था। इसके साथ ही उन्होंने ऐसी भी राय दी थी कि पोस्ट ब्रेक्ज़िट के बाद जिसने ब्रिटन में निवेश या व्यापार स्थापित किया होगा उन्हें जी-20 देशों में से सबसे कम टैक्स भुगतान करना पड़ा है। 
शुक्रवार को युके में सोने के भाव 8 पाउंड ऊछलकर जून 2016 में आयोजित ब्रेक्ज़िट रेफरेंडम वॉट के बाद आए आश्चर्यजनक नतीजों के बाद का सबसे कम भाव 908 पाउंड बोला गया था। टेक्निकली देखेंगे तब सोना पर मंदौड़ियों की मजबूत पकड़ है, वह भाव को 16 अगस्त की बाटम 1160 डालर को पुन:स्थापित करने का प्रयास करेंगे। यदि यह भाव होल्ड नहीं होगा तो मंदौड़ियों 1124 डालर के सपोर्ट लेवल को लक्ष्य बनाएंगे। यदि आप हाल में मिल रहे फंडामेंटल्स सिग्नलों को ध्यान पर लेंगे तब ऐसा भाव एकदम से असंभव भी नहीं है।

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