कृषि निर्यात से 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का लक्ष्य

कृषि निर्यात से 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का लक्ष्य
हमारे संवाददाता
केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से कहा जा रहा है कि केद्रीय मंत्रिमंडल शीघ्र नई राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति को मंजूरी देने की संभावना है।जिसके तहत नई राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति के मसौदे को लेकर कई सिफारिशें की गई है।जिनमें स्थिर व्यापार नीति व्यवस्था, एपीएमसी अधिनियम में सुधार, मंडी शुल्क को सुव्यवस्थित बनाने और भूमि पट्टे पर देने को लेकर मापदंडों का उदारीकरण जैसी चुनिंदा सिफारिशें शामिल है।ऐसे में नई राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति के मसौदे से 2022 तक कृषि निर्यात को दोगुना कर 60 अरब डॉलर करने की अपेक्षा है।
दरअसल केद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि नई राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है।जिसको केद्रीय मंत्रिमंडल से यथाशीघ्र मंजूरी मिलने की संभावना है क्योंकि समय बढाने वाले अंतर मंत्रालय परामर्श पहले ही काफी आगे बढ चुके है और एक बार ऐसा होने के बाद काफी बड़े अवसर सामने आ सकते है।उल्लेखनीय है कि पिछले महीने प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी कहा था कि कृषि आय को बढाने को लेकर शीघ्र ही नई राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति लाई जाएगी क्योंकि केद्र सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने की राह पर अग्रसर है।जिसके तहत अब देश से निर्यात को बढावा देने पर जोर है।जिसके तहत सिर्फ बड़े बाजारों में ही नहीं अपितु उन क्षेत्रों में अवसरों की पहचान करना है जहां तत्काल अवसर सुलभ है।नई राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति के मसौदे के तहत राज्यों की व्यापक भागीदारी, बुनियादी ढांचे और उपस्कर में सुधार,उभरते बाजारों को लेकर नए उत्पादों के विकास को लेकर शोध एवं विकास (आरएण्डडी) गतिविधियों को बढावा देने पर बल दिया गया है।जिसके तहत नई राष्ट्रीय कृषि निर्यात नीति से किसानों की आमदनी को दोगुना करने तथा कृषि निर्यात के वर्तमान 30 अरब डॉलर की हिस्सेदारी को 2022 तक बढाकर 60 अरब डॉलर तक करने के दृष्टिगत तैयार की गई है। 

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