दलहन आयात पर नियंत्रण : डब्ल्यूटीओ में बढ़ता विरोध

अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया ने उठाया सवाल
हमारे प्रतिनिधि
मुंबई। डोमेस्टिक बाजार में दलहन के घटते भाव पर नियंत्रण रखने के लिए भारत सरकार ने कई दलहन के आयात पर थोक नियंत्रण चालू रखने के वर्ल्ड ट्रेड आर्गनाइजेशन (डब्ल्यूटीओ) में भारत के सामने विरोध बढ़ रहा है।
गत अप्रैल में लगाये गए इस नियंत्रण के बारे में आस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका ने डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज की है। इतना ही नहीं वैश्विक बाजार में नियमन का भंग हो रहा है ऐसा सवाल उठाकर नये सिरे से विरोध दर्ज किया है और यह भी जानना चाहा है कि यह प्रतिबंध वर्ष के अंत के बाद भी चालू रखा जायेगा?
अमेरिका के प्रतिनिधियों द्वारा भारत के बारे में पुछे गए एक प्रश्न के उत्तर में डब्ल्यूटीओ में कई कमेटी मीटिंगों में कई सदस्यों के चिंता करने के बावजूद भारत ने थोक नियंत्रण चालू रखा है और ऐसे नियंत्रण डब्ल्यूटीओ को दिये गये आश्वासन के साथ कितने सुसंगत है इस बारे में भारत ने कोई स्पष्टीकरण नहीं किया है।
उपरोक्त तीन देशों ने नई दिल्ली को यह स्पष्टीकरण करने के लिए कहा कि नियंत्रण डब्ल्यूटीओ के नियम के साथ किस तरह सुसंगत है?
आस्ट्रेलिया ने बताया कि भारत शुरुआत में 30 जून तक तीन महीने के लिए एक लाख मटर के आयात पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद प्रतिबंध की अवधि दो बार बढ़ाई गयी।
पहली बार 30 सितंबर तक की गयी थी और उसके बाद बढ़ाकर 31 दिसंबर तक की गयी। इस बीच डब्ल्यूटीओ में हो रहे विरोध के बावजूद भारत ने यह प्रतिबंध नहीं हटाया, क्योंकि डोमेस्टिक मार्केट में माल का जमाव हो गया है और बाजार में भाव न्यूनतम समर्थन भाव से भी नीचे बोला जा रहा है।

© 2018 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer