निर्यातकों को कर्ज दिलाने का मसला पहुंचा वित्त मंत्रालय के पास

हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । निर्यातकों को कर्ज की धीमी रफ्तार का मसला केद्रीय वित्त मंत्रालय पहुंच गया है।जिसको लेकर केद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि इस मसले को उन्होंने केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के समक्ष उठाया है और शीघ्र ही इसका समाधान निकलने की उम्मीद है।
श्री प्रभु ने कहा कि उन्होंने केद्रीय वित्त मंत्रालय से आग्रह किया है कि निर्यातकों को बैंकों से पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध कराने का प्रबंध करें।जिसको लेकर लॉजिस्टक पर एक मेला लॉजिस्टक इंडिया की घोषणा को लेकर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट्स (फियो) के एक कार्यक्रम के बाद श्री प्रभु ने कहा कि निर्यात में वृद्वि हो रही है बहरहाल केद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय वृद्वि की इस रफ्तार को और तेज करने के प्रयास कर रहा है।निर्यातकों की सबसे बड़ी मौजूदा दिक्कत फाइनेंस की है।निर्यातकों को मिलने वाले कर्ज में कमी आई है।
उन्हाने उम्मीद जताई कि केद्रीय वित्त मंत्री इस संबंध में समुचित कदम उठाएगी। जिसको लेकर फियो के अध्यक्ष श्री गणेश कुमार गुप्ता ने कहा कि कर्ज की रफ्तार थमने से निर्यात प्रभावित हो रहा है।श्री गुप्ता ने कहा कि बेहतर कर्ज वितरण को लेकर जरुरी है कि निर्यातकों को लेकर कर्ज की प्रक्रिया में सुधार किया जाए।जिसके तहत 30 मार्च की अवधि तक निर्यातकों को बैंक कर्ज की मात्रा 28300 करोड़ रुपए थी।बहरहाल जून तक आते आते यह 22300 करोड़ रुपए रह गई।

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