टेक्सटाइल निर्यात में और सुधार की उम्मीद

टेक्सटाइल निर्यात में और सुधार की उम्मीद
जीएसटी रिफंड लेने में कठिनाई दूर करने की कवायद
 
नई दिल्ली । अक्टूबर में रेडीमेड गार्म़ेंट के निर्यात में सुधार दिखायी दिया, लेकिन शीघ्र ही भारी वृद्धि की संभावना नहीं है। यद्यपि विशेषज्ञों का मानना है कि खराब दौर समाप्त हो गया है।
अक्टूबर में रेडीमेड गार्म़ेंट के निर्यात में 36% से अधिक की वृद्धि दिखायी दी। रेडीमेड गार्म़ेंट के निर्यात में एक वर्ष से अधिक समय तक गिरावट का रुख दिखायी दिया था। यूएस जैसे प्रमुख बाजारों में क्रिसमस की बिक्री के लिए अक्टूबर में मांग में भारी वृद्धि और पिछले 6 महीने में डालर की तुलना में रुपया का मूल्य घटने के कारण निर्यात बढ़ा।
दूसरी ओर निर्यातकों का कहना है कि आगामी कुछ महीने तक दो अंकीय वृद्धि बरकरार रखना कठिन है क्योंकि विएतनाम, बांग्लादेश और कम्बोडिया के आक्रामक सप्लायर जो भारतीय निर्यातकों का आर्डर हथिया रहे है, के निरंतर अतिक्रमण के कारण शीघ्र ही आर्डर बुक में गिरावट दिखायी दे सकती है।
इन देशों में मजदूरी की दर कम होने से बहुत से उत्पादक इन देशों में कामकाज शिफ्ट कर रहे है। बांग्लादेश जैसे प्रमुख गार्म़ेंट उत्पादकों को ईयू जैसे प्रमुख बाजारों में कम विकसित देश के उनके दर्जे के कारण व्यापार लाभ प्राप्त हो रहा है।
परिधान भारत का छठा सबसे बड़ा निर्यात आईटम है। 2017-18 में भारत के कुल निर्यात बास्केट में उसका लमभम 5% हिस्सा था।
सिटी के चेयरमैन संजय जैन ने कहा कि हमें नवम्बर से आगे वृद्धि की उम्मीद है, लेकिन वह गत वर्ष में दिखायी दी, दो अंकिय वृद्धि जैसा नहीं होगा।
भारत यार्न एवं फेब्रिक्स जैसे अन्य टेक्सटाइल आइटमों का निर्यात बढ़ाना चाहता है। पिछले कुछ वर्ष़ों में आसियान बाजारों में सस्ते चाइनीज मटीरियल्स के साथ-साथ तैयार उत्पादों की भरमार रही है। इससे यार्न उद्योग प्रभावित हुआ है, लेकिन सरकार की मदद से भारत चीन में भी अपना निर्यात बढ़ा सकता है।
काटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन कासिल आफ इंडिया के एक्जिक्युटिव डायरेक्टर सिद्धार्थ राजगोपाल ने कहा कि मांग में वैश्विक गिरावट है और अन्य राष्ट्रों की तरह भारत को भी इसका सामना करना पड़ा, लेकिन जीएसटी के तहत रिफंड प्राप्त करने में कठिनाई अब दूर हो रही है।

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