खादी का व्यापक प्रचार-प्रसार

खादी का व्यापक प्रचार-प्रसार
25 प्र.श. छूट देने का प्रस्ताव
डॉ. श्रीनाथ सहाय
खादी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह देश को जनता के लिए इनके व्यक्तिगत जीवन में भी आर्थिक-सम्पन्नता की आधार है। खादी को अपनाकर प्रत्येक भारतीय अपनी आर्थिक-देश को सुधार सकता है। अत: सरकार, देशवासियों को खादी के प्रति जागरूक कर रही है। सभी ब्लाकों में खादी एवं ग्रामोद्योग के विषय में जानकारी दी जा रही है। विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम उपलब्ध किये जा रहे है। सांसद, आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत चयनित गांवों में खादी एवं ग्रामोद्योग योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रहे है। प्रदर्शनियों के आयोजन किये जा रहे है।
सोलर चर्ख़ों का वितरण :- उत्तर प्रदेश में खादी का उत्पादन बढ़ाने के लिए जनता में, प्रथम चरण में 400 व्यक्तियों को सोलर चर्खा वितरित करने का लक्ष्य है। इसके अतिरिक्त सोलर चर्ख़ों से तैयार की गई खादी पर 25 प्र.श. की छूट देने का भी प्रस्ताव है।
कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक का वितरण :- गांधी जयंती वर्ष में प्रशिक्षित 10 कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक वितरित किये जाएंगे। आगे आने वाले समय में, इनकी कार्य-प्रणाली और बेहतर बनाने के लिए टूलकिट भी प्रदान किये जाएंगे।
कुम्हारों को मिट्टी-खनन में प्रशिक्षित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त इन्हें मार्केटिंग की शिक्षा एवं सुविधा दी जायेगी जिससे ये लोग अपने उत्पाद को अच्छी मूल्यों पर विक्रय कर सके। इस दिशा में इस मिट्टी की कला में लगे लोगों का सर्वे-आकलन किया जा रहा है।
Iण की सुविधा :- जिस प्रकार बड़े उद्योगों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती है खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र के उद्यमियों को भी सुविधाएं प्राप्त कराई जाएगी। ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ग्रामोद्योग इकाइयों द्वारा सीवीसी कान्सोर्शियम बøक क्रेडिट के अंतर्गत लिए गए Iण पर दंडात्मक ब्याज माफ कर दिया है। प्रदेश में 7483 इकाइयों पर कुल 37 करोड़ रु. का Iण बकाया है। बकायादारों द्वारा यदि एक मुश्त Iण का भुगतान कर दिया जाता है तो ऐसे लोगों से दंड ब्याज नहीं लिया जाएगा। इनसे मात्र साधारण ब्याज ही वसूल किया जाएगा। बकायादारों को जानकारी देकर, ण-वापसी के लिए उत्साहित किया जा रहा है। खादी ग्रामोद्योग योजना के अंतर्गत लाभािर्थयों को 200 करोड़ रु. के Iण का वितरण करने की योजना है साथ में टूल-किट भी प्रदान होगा।
समाधान सेल की स्थापना :- हर जिले में हेल्पडेस्क की स्थापना की जा रही है विभागीय कार्य़ों में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ई-आफिस स्थापित किये जा रहे है। सोसायटियों के पंजीकरण हेतु आनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। लखनऊ में ग्रामोद्योग समाधान सेल स्थापित होगा।

© 2018 Saurashtra Trust

Developed & Maintain by Webpioneer