गुणवत्ता में सुधार को लेकर रिफाइनरी में बंद होगा शोधन कार्य

गुणवत्ता में सुधार को लेकर रिफाइनरी में बंद होगा शोधन कार्य
घरेलू रिफाइनरी को आपूर्ति घटने से महंगा होगा इúधन
 
हमारे संवाददाता
इúधन की गुणवत्ता में सुधार को लेकर सभी सरकारी तेल कंपनियां अपनी रिफाइनरी को अगले वर्ष एक से डेढ महीने तक बंद रखेगी।जिस अवधि में तेल शोधन कार्य ठप रहने से इúधन की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।इस कमी को दूर करने को लेकर केद्र सरकार को या तो निजी रिफाइनरी कंपनियों से तेल लेना होगा या विदेशों से आयात करना पड़ेगा और दोनों ही स्थितियों में इúधन के दाम बढ सकते है।
इस बाबत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (रिफाइनरी) के प्रमुख बी.वी.रामगोपाल ने कहा कि अगले वर्ष से हमारे लिए चुनौतीपूर्ण होने वाला है।जिसके तहत अप्रैल 2020 तक भारत स्टेज-6 (बीएस-6) इúधन की आपूर्ति को लेकर रिफाइनरी को अपग्रेड करना जरुरी है।जिसको लेकर 30-35 दिनों तक कंपनी की सभी 11 रिफाइनरी बंद रहेंगी।जिसका असर इúधन की आपूर्ति पर पड़ेगा।उन्होंने कहा कि भारत दुनिया भर में तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है बहरहाल अतिरिक्त शोधन भंडार होने से गैस ऑयल और गैसोलीन जैसे इúधन का आयात बहुत ही कम होता हे।ऐसे में सभी सरकारी तेल कंपनियें जैसे कि आइओसी, भारत पेट्रोलियम,मøगलोर रिफाइरी एण्ड पेट्रोकेमिकल्स की रिफारी बंद होने से निजी रिफाइनरी से तेल की मांग बढ जाएगी।जिसको लेकर एचपीसीएल के चेयरमैन एम.के.सुराना ने कहा कि कंपनी बिजाग और मुम्बई स्थित डीजलस्रौ गैसोलीन इकाई को अपग्रेड करने को लेकर एक से डेढ महीने तक बंद रहेगी।इससे शोधन का कार्य धीमा हो जाएगा।
मंगलौर रिफाइनरी एण्ड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक एम.वेंकेटैश ने कहा कि कुछ समय को लेकर रिफाइनरी बंद होने के बावजूद हम इस बात पर नजर रखेंगे कि इúधन का आयात न करना पड़े और निजी व स्थानीय रिफाइनरी कंपनियों की इकाई से ही मांग को पूरा किया जा सके।

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