रिटेल व्यापार को संगठित व मजबूत करने का आग्रह

रिटेल व्यापार को संगठित व मजबूत करने का आग्रह
कैट ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञाप 
हमारे संवाददाता
नई दिल्ली । कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजकर आग्रह किया है कि देश के रिटेल व्यापार को संगठित और मजबूत करने के उपाय किए जाएं।जिसको लेकर कैट ने प्रधानमंत्री का ध्यान रिटेल व्यापार की अनेक प्रमुख समस्याओं की ओर आकृष्ट किया।जिसके तहत ई-कॉमर्स पॉलिसी,डिजिटल भुगतान को बढावा देने को लेकर लाभ एवं कर में छूट,व्यापारियों का दुर्घटना बीमा,रिटेल व्यापार को लेकर राष्ट्रीय व्यापार नीति एवं एक आतंरिक मंत्रालय का गठन आदि शामिल है।देश के रिटेल व्यापार में लगभग 7 करोड़ छोटे व्यापारी है जो कि प्रति वर्ष लगभग 42 लाख करोड़ रुपए का कारोबार करते है।
प्रधानमंत्री को भेजे अपने ज्ञापन में कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि देश में ई-कॉमर्स का व्यापार बेहद विषाक्त हो गया है क्योंकि अग्रणी ऑनलाइन कंपनियां लागत से भी कम मूल्य पर माल का बेचना,भारी पैमाने पर डिस्काउंट देना और बाजार में कीमतों को प्रभावित करना है जो कि केद्र सरकार की एफडीआई नीति 2016 के विरुद्व है।देश के ई-कॉमर्स व्यापार को सुधारने को लेकर एक ई-कॉमर्स नीति की बेहद आवश्यकता है और ई-कॉमर्स व्यापार को लेकर एक रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन किया जाना भी जरुरी है।उन्होंने यह भी आग्रह किया कि छोटे व्यापारियों को ऑनलाइन व्यापार को लेकर प्रोत्साहित करने को लेकर केद्र सराकर व्यापारिक संगठनों की मदद से एक ई-कॉमर्स पोर्टल शुरु करें ताकि इन अग्रणी कंपनियों के पोर्टल का मुकाबला किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया अभियान को बढावा देने को लेकर डिजिटल भुगतान को बढावा देना बेहद जरुरी है और इस दृष्टि से एक तरफ डिजिटल भुगतान पर बøकों द्वारा लगाए जाने वाले चार्ज की भरपाई केद्र सरकद्रार सीध् बैंकों को करें वहीं दूसरी तरफ डिजिटल भुगतान को अधिक से अधिक उपयोग में लाने को लेकर केद्र सरकार लोगों को डिजिटल भुगतान करने पर करों में छूट दे और प्रोत्साहन भी दें।उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नेशनल पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया को रुपए कार्ड का मालिकाना हक दिया जाए और डिजिटल भुगतान को लेकर एक स्वतंत्र रेगुलेटर का गठन किया जाए।
श्री खंडेलवाल ने यह भी आग्रह किया कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर देश भर में जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों का 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा केद्र सरकार की तरफ से किया जाए।प्राकृतिक आपदा से प्रभावित व्यापारियों को मुआवजा देने का zलेकर एक विशेष कोष का गठन किया जाए।उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि मुद्रा योजना का अधिक से अधिक लाभ छोटे व्यापारियों को देने को लेकर बøकों के स्थान पर नॉन बैंककिंग फाइनेंस कंपनी एवं माइक्रो फाइनेंस इंस्टीटय़ूशन को कर्जा देने को लेकर अधिकृत किया जाए।जिस काम को लेकर देश भर में फैसले व्यापारिक संगठनों को भी जोड़ा जाए।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि एक तरफ देश के रिटेल व्यापार को लेकर एक राष्ट्रीय व्यापार नीति बनाई जाए।वहीं दूसरी तरफ रिटेल व्यापार को लेकर पृथक रुप से एक आतंरिक व्यापार मंत्रालय का गठन किया जाए।देश के रिटेल व्यापार को आधुनिक और उन्नत बनाने एवं अधिक से अधिक व्यापारियों को कंप्यूटर उपयोग में लाने को लेकर प्रोत्साहित करने के लिए केद्र सरकार की तरफ से सब्सिडी दें एवं व्यापार करने की आधुनिक तकनीक मुहैया कराएं।इस समय सिर्फ 35 प्रतिशत व्यापारियों ने कंप्यूटर अपनाया है।
कैट ने यह भी आग्रह किया है कि केद्र सरकार और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने को लेकर प्रत्येक जिला स्तर पर व्यापारियों और सरकारी अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी गठित की जाए।इसके साथ ही उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को तुरन्त संसद में पारित किया जाए।वहीं व्यापारियों को लेकर कर्जा लेने की नीति एवं नियमों का अधिक सरल बनाया जाए।फूड सेफ्टी एण्ड स्टैंडर्ड एक्ट में आवश्यक संशोधन किए जाएं।मार्केट में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाए।जिसके तहत सड़क,बिजली,पानी आदि की समुचित व्यवस्था किया जाए।  

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